भारत के वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद बल्लेबाज कोच संजय बांगड़ पर गिर सकती है गाज

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विश्व कप शुरू होने से पहले टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री और उनके सहयोगी स्टाफ को करार खत्म होने के बावजूद 45 दिन का विस्तार मिलने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब सेमीफाइनल में हारकर बाहर होने के बाद बीसीसीआई सख्त रवैया अपनाने के मूड में है. सूत्रों की मानें तो एक अहम सदस्य की टीम से छुट्टी हो सकती है.

टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में 18 रन से हार मिली थी. ऐसे में भारतीय टीम और कोचिंग स्टाफ की काफी आलोचना की जा रही थी. हालांकि मुख्य कोच रवि शास्त्री और कोचिंग स्टाफ का कार्यकाल वर्ल्ड कप के बाद 45 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है, लेकिन इन सभी में एक कोच के प्रदर्शन पर पैनी नजर रखी जा रही है.

मीडिया सूत्रों की मानें तो बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ की जगह सुनिश्चित नहीं है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक मुख्य धड़े का मानना है कि उन्हें अपना काम बेहतर तरीके से करना चाहिए था. बांगड़ सहायक कोच होने के साथ-साथ टीम के बल्लेबाजी कोच भी है.

गेंदबाजी कोच भरत अरुण और फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने पिछले डेढ़ साल में शानदार काम किया है, लेकिन बांगड़ के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता क्योंकि कई बार टीम की बल्लेबाजी जूझती दिखी है. नंबर-4 पायदान पर एक मजबूत बल्लेबाज को न चुन पाना भी बीसीसीआई को नागवार गुजरा है.

पिछले कुछ सीजन से यही स्थिति चली आ रही थी और बांगड़ इसका कोई समाधान निकाल पाने में असफल साबित हुए हैं. यहां तक कि बांगड़ ने नंबर चार के लिए चुने गए विजय शंकर को बिल्कुल फिट बताया था वो भी तब जबकि उसके अगले ही दिन वह चोट के चलते वर्ल्ड कप से बाहर हो गए. बीसीसीआई को यह बात भी खटक गई.

बोर्ड इस टूर्नामेंट में टीम मैनेजर सुनील सुब्रह्मण्यम की भूमिका को लेकर भी नाराज है. इसके अनुसार, सुनील का प्राथमिक काम अपने दोस्तों के लिए टिकट और पास का इंतजाम करने का ही रह गया था, जबकि उनकी मुख्य जिम्मेदारी उनके लिए प्राथमिकता में ही नहीं थी.


 



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