बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को ऐसे करें प्रसन्न, इन बातों का रखें ख्याल

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आज देशभर में बसंत पंचमी मनाई जा रही है. इस दिन विद्या और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती की उपासना की जाती है. वर्ष के कुछ विशेष शुभ काल में से एक होने के कारण इसको ‘अबूझ मुहूर्त’ भी कहा जाता है. इसमें विवाह, निर्माण तथा अन्य शुभ कार्य किये जा सकते हैं. ऋतुओं के इस संधि काल में ज्ञान और विज्ञान दोनों का वरदान प्राप्त किया जा सकता है.

इसके अलावा संगीत कला और आध्यात्म का आशीर्वाद भी इस काल में लिया जा सकता है. अगर कुंडली में विद्या बुद्धि का योग नहीं है या शिक्षा की बाधा का योग है तो इस दिन विशेष पूजा करके उसको ठीक किया जा सकता है. 

जानकारी के मुताबिक , सरस्वती पूजा का मुहूर्त सुबह 07:27 बजे का है और इस मुहूर्त की अवधि 5 घंटे 15 मिनट तक रहेगी. यानी दोपहर तक इस पूजन को किया जा सकता है. 

ऐसे करें माँ सरस्वती की उपासना: 

इस दिन पीले, बसंती या सफ़ेद वस्त्र धारण करें, काले या लाल वस्त्र नहीं. 
तत्पश्चात पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा की शुरुआत करें. 
सूर्योदय के बाद ढाई घंटे या सूर्यास्त के बाद के ढाई घंटे का प्रयोग इस कार्य के लिए करें.
माँ सरस्वती को श्वेत चन्दन और पीले तथा सफ़ेद पुष्प अवश्य अर्पित करें. 
प्रसाद में मिसरी, दही और लावा समर्पित करें.
केसर मिश्रित खीर अर्पित करना सर्वोत्तम होगा.
माँ सरस्वती के मूल मंत्र "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" का जाप करें.
जाप के बाद प्रसाद ग्रहण करें.



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