ताज़ा खबर

बांग्लादेश: शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को मिली शानदार जीत, विपक्षी दलों ने परिणामों को नकारा

सार्वजनिक रूप से गवाही देंगे रॉबर्ट मूलर, जनता को बताएंगे कि ट्रंप को जिताने में रूस ने कैसे मदद की थी

अमेरिका और ईरान के बीच चरम पर विवाद, ट्रंप ने कड़े प्रतिबंध लगाने वाले कार्यकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर

पाकिस्तान को मिली चेतावनी, आतंकियों को पैसा देना बंद करो, नहीं तो नतीजा भुगतने को तैयार हो जाओ

एयर स्ट्राइक से सदमे में पाकिस्तान, अपना हवाई क्षेत्र खोलने के लिए भारत के सामने रखी शर्त, कहा- बालाकोट जैसा हमला फिर न हो

ड्रोन ढेर होने के बाद ट्रंप ने दी थी ईरान पर हमले की मंजूरी, लेकिन बाद में बदला फैसला

ईरान ने मार गिराया अमेरिका का शक्तिशाली ड्रोन, न्यूयॉर्क से मुंबई आने वाली फ्लाइट रदद्

2018-12-31_SheikhHasina.jpg

ढाका- प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने रविवार को हुए आम चुनाव में लगातार तीसरी बार शानदार जीत दर्ज की है. नतीजों को खारिज करते हुए विपक्षी गठबंधन ने नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है. इससे पहले मतदान के दौरान बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में चुनाव से जुड़ी हिंसा में कम से कम 17 लोग मारे गए थे.

मीडिया में आई खबरों के अनुसार सत्तारूढ़ अवामी लीग के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 300 सदस्यीय सदन में 260 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की.

निजी डीबीसी टीवी ने 300 में से 299 सीटों के नतीजे दिखाए. सत्तारूढ़ अवामी लीग के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने 266 सीटें जीतीं जबकि उसकी सहयोगी जातीय पार्टी ने 21 सीटें हासिल कीं. विपक्षी नेशनल यूनिटी फ्रंट (यूएनएफ) को सिर्फ सात सीटों पर जीत मिली. यूएनएफ में बीएनपी मुख्य घटक थी.

स्थानीय मीडिया के अनुसार निर्दलीय उम्मीदवारों को दो सीटों पर कामयाबी मिली. एक उम्मीदवार की मृत्यु हो जाने की वजह से एक सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था. वनडे टीम के कैप्टन मशरफे मुर्तजा ने भी अवामी लीग के टिकट पर चुने गए.

चुनाव आयोग ने दक्षिण पश्चिम गोपालगंज सीट के पूरे नतीजे की पुष्टि की. वहां पर प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो लाख 29 हजार 539 मतों से जीत दर्ज की, जबकि विपक्षी बीएनपी के उम्मीदवार को मात्र 123 वोट मिले.

बांग्लादेश चुनावों में हिंसा की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने 6 लाख सुरक्षा जवानों को तैनात किया था. मुख्य चुनाव आयुक्त नूरुल हुदा ने बताया कि देश में करीब 10.41 करोड़ मतदाता हैं. कुछ घटनाओं को छोड़कर चुनाव शांतिपूर्ण रहा. सुरक्षा कारणों के चलते मतदान के दौरान इंटरनेट सेवा को बंद रखा गया था.



loading...