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मुंबई में सनातन संस्थान के कार्यकर्ता के घर से एटीएस को मिले 8 देसी बम, 1 व्यक्ति गिरफ्तार, सर्च ऑपरेशन जारी

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मुंबई में आतंकवाद विरोधी दल (एटीएस) ने कम से कम 8 देसी बम नालासोपारा में रहने वाले सनातन संस्थान कार्यकर्ता के घर से बरामद किए हैं. स्कवॉयड को विस्फोटक बनाने का कच्चा माल भी पड़ोस की दुकान से बरामद हुआ है. सूत्रों के अनुसार पास की दुकान से मिले कच्चे माल में बहुत बड़ी संख्या में गन पाउडर, डेटोनेटर हैं. जिनसे दो दर्जन बम पर्याप्त मात्रा में बनाए जा सकते हैं. जांचकर्ता अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन विस्फोटकों का स्रोत क्या है और राउत कहां इनका प्रयोग करने वाला था. सूत्रों का कहना है कि एटीएस की टीम ने राउत पर पिछले कुछ समय से नजरें रखी हुई थीं और उन्होंने डॉग स्कवॉयड और फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर गुरुवार रात को उसके घर पर छापा मारा. सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है.

एटीएस ने वैभव राउत को गिरफ्तार कर लिया है. उसे भोईवाडा कोर्ट के सामने आज दोपहर तक पेश किया जाएगा. सनातन संस्थान की स्थापना 1999 में जयंत बालाजी अठावले ने की थी. सनातन संस्थान से जुड़े लोगों को चार जगहों- वाशी, ठाणे, पनवेल और गोवा (2009 में) धमाकों, साल 2013 में नरेंद्र दाभोलकर की हत्या और 2015 में गोविंद पनसारे औप एमएम कलबुर्गी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 

वैभव राउत के वकील संजीव पुनालेकर ने कहा, आतंकवाद विरोधी दल ने हमें वैभव राउत की गिरफ्तारी के बारे में नहीं बताया है. मैं आश्चर्यचकित हूं कि इस देश में और महाराष्ट्र में किस तरह के कानून का पालन किया जाता है. हम सभी कानूनी कदम उठाएंगे.

आपको बता दें कि दिसंबर 2015 को गृह राज्य मंत्री ने राज्यसभा में सूचित किया था कि नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पनसारे और एमएम कलबुर्गी की हत्या करने का कोई लिंक नहीं मिला है. दाभोलकर का परिवार तीनों हत्याओं के पीछे लिंक होने का दावा करते हुए कोर्ट को तीनों मामलों की एक साथ जांच करने के लिए कह रहा है. वहीं केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने हाईकोर्ट से कहा है कि वह तीनो मामलों की एक साथ जांच करने के लिए स्कॉटलैंड यार्ड की बैलिस्टिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है.



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