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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को सीधे तौर पर ऐलान कर दिया कि आम आदमी पार्टी (आप) 2019 लोक सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ किसी भी तरह के प्रस्तावित विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं होंगे. यानी साफ है कि आप विपक्षी पार्टियों के महागठबंधन का हिस्सा नहीं बन रही है. उन्होंने दूसरी विपक्षी पार्टियों से बागी तेवर अपनाते हुए कहा कि जो पार्टियां प्रस्तावित गठबंधन में शामिल हो रही हैं उनका देश के विकास में कोई भूमिका नहीं हैं.

हरियाणा के रोहतक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, आप 2019 में किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं होगी. पार्टी हरियाणा विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव की सभी सीटों पर लड़ेगी.

केजरीवाल ने कहा, गठबंधन की राजनीति मायने नहीं रखती है. मेरे लिए राजनीति जनता और उनके विकास के लिए है. पिछले 3 सालों में जो हमने किया है ये पार्टियां 70 सालों में भी नहीं कर पाई.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर दिल्ली के लंबित विकास कार्यों के लिए निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि लोगों के कल्याण के लिए उनकी सरकार के द्वारा उठाए गए सभी कदमों में केंद्र ने रोड़े अटकाए हैं. केजरीवाल ने कहा, हमनें दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी काम किया है. दिल्ली की तुलना में हरियाणा विकास के मामलें में पीछे है. मनोहर लाल खट्टर को दिल्ली सरकार से सीखना चाहिए कि विकास कैसे किया जाता है. केजरीवाल ने कहा कि जब आप सरकार बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बिना पूर्ण राज्य के क्रांति ला सकती है तो खट्टर सरकार क्यों नहीं कर सकती है.



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