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दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार को 14 फरवरी को तीन साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके के लिए सरकार ने एक विज्ञापन तैयार कराया था, पर ये विज्ञापन उनके अपने ही अफसरों ने पास करने से मना कर दिया है. ये एक वीडियो विज्ञापन था. इसमें केजरीवाल अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते नजर आने वाले थे. आप सरकार ने पिछले तीन सालों में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में क्या काम किया है, ये इसमें बताया जाता. साथ ही सरकार ने किन चुनौतियों का सामना किया, ये भी बताया जाना था.

वीडियो में केजरीवाल कुछ ऐसा कहते दिखते, ‘जब आप सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हैं, तो पूरी कायनात की शक्तियां आपकी मदद करती हैं’. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने चीफ सेक्रेटरी अंशु प्रकाश और अन्य आईएएस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी की. इस बैठक में उन्हेांने उस वीडियो के बारे में जानने का प्रयास किया, जिसे आज से ही चलाया जाना प्रस्तावित था.

खबरें ये भी हैं विभिन्न विभागों के प्रमुखों ने इस विज्ञापन को सर्टिफिकेशन देने से मना कर दिया. इनका कहना था कि वीडियो में जो बातें कही गई हैं, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के बाद इस बात को लेकर वे संशय मे हैं कि आखिर कौन सा विभाग इसे सर्टिफाई करेगा. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि संबंधित विभाग द्वारा किसी विज्ञापन के सभी तथ्यों को चेक करने के बाद ही उसे पब्लिश किया जाए या एयर किया जाए.

अब दिल्ली सरकार के विज्ञापन के रुकने के बाद से केजरीवाल काफी परेशान बताए जा रहे हैं. इसे लेकर उन्होंने नाराजगी भी जाहिर की है. गौरतलब है कि कल यानी 14 फरवरी को आप सरकार के तीन साल पूरे हो रहे हैं. दरअसल, दिल्ली के मुख्य सचिव और अन्य विभागों के सचिव सीधे तौर पर राज्य सरकार के अधीन नहीं है. यहां के अधिकारी दानिश कैडर के होते हैं और उनकी जवाबदेही सीधे तौर केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रति है. कहा जा रहा है कि विज्ञापन को मंजूरी न देने से दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच एक बार आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो सकता है.



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