AIMA के 46वें दीक्षांत समारोह में अमित शाह ने कहा- 2013 में भ्रष्टाचार चरम पर था और कोई प्रधानमंत्री को नहीं मानता था

2019-09-17_AmitShah.jpg

गृहमंत्री अमित शाह ने अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (AIMA) के 46वें दीक्षांत समारोह में कहा कि मोदी सरकार ने 5 साल में 50 फैसले लिए. हमने कभी भी निर्णय लोगों को क्या अच्छा लगेगा ये सोचकर नहीं लिया, बल्कि लोगों के लिए क्या अच्छा है ये सोचकर हमने निर्णय लिये हैं.

अमित शाह ने कहा कि आज इत्तेफाक ही है कि जिस दिन मैं अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (AIMA) के 46वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में आया हूं उसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का जन्मदिन है. सभी देशवासियों के लिए मोदी जी का जन्मदिन खास और शुभ इसलिए है कि उन्होंने जनता के मन में विश्वास जगाया है कि 21वीं सदी भारत की हो सकती है.

उन्होंने कहा कि न्यू इंडिया की कल्पना में ही महान भारत की कल्पना समाहित है. ये कल्पना मोदी जी ने 130 करोड़ भारतीयों के सामने रखी. एक व्यक्ति शायद कुछ न कर सके लेकिन 130 करोड़ लोग एक-एक कदम आगे बढ़ा ले तो देश 130 करोड़ कदम आगे बढ़ जाता है.

गृहमंत्री ने कहा कि कोई सरकार 30 साल चलती है तो पांच बड़े फैसले ले पाती है, लेकिन मोदी जी की जो सरकार पांच साल चली इसने 50 से ज्यादा बड़े फैसले लेकर देश को परिवर्तित करने का काम किया है. एक निर्णायक सरकार देने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है.

उन्होंने कहा कि 2013 का दृश्य मुझे याद है, भ्रष्टाचार चरम पर था, सीमाओं की सुरक्षा का कोई ठौर ठिकाना न था, आंतरिक सुरक्षा चरमाराई थी, महिलाओं की सुरक्षा ताक पर थी, प्रधानमंत्री को कोई प्रधानमंत्री मानता ही नहीं था, तब लोगों को लगता था कि देश किस दिशा में बढ़ रहा है.

हमने कभी भी निर्णय लोगों को क्या अच्छा लगेगा ये सोचकर नहीं लिया, बल्कि लोगों के लिए क्या अच्छा है ये सोचकर हमने निर्णय लिये हैं. यही देश के परिवर्तन का आधार है. जब भी देश में सरकारें बनी तो बड़े विवादों में घिरी रहीं. सरकार गरीबों की है या अमीरों की, किसानों के लिए काम करने वाली है या उद्योगों के लिए, समाजवाद के सिद्धांत पर आगे बढ़ने वाली है या रिफॉर्म के आधार पर मोदी जी ने इनको समाप्त कर समान विकास किया है.
 



loading...