अमेरिका ने दी पाकिस्तान को चेतावनी, कहा- उससे निपटने के लिए 'सभी विकल्प' खुले हैं

आतंकवादी बुरहान वानी को पाकिस्तान ने बताया फ्रीडम आइकॉन, जारी किया डाक टिकट

ऑस्ट्रेलिया में स्ट्रॉबेरी को खाने से डर रहे है लोग, 6 राज्यों में रुकी बिक्री, जानिए- क्या हैं कारण

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पीएम मोदी को लिखा खत, फिर से शुरू करना चाहते हैं शांति वार्ता

भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद नवाज शरीफ, बेटी और दामाद को बड़ी राहत, इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सजा पर लगाई रोक

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में लोग अपने पसंदीदी फल स्ट्रॉबेरी को खाने से डर रहे हैं जानिए- क्या हैं कारण

जर्मनी में दौड़ने लगी पानी से चलने वाली ट्रेन, धुएं की जगह निकलता है भाप और पानी

2018-01-06_trump-donald-deal-pakistan.jpg

पाकिस्तान के लिए नए साल 2018 की शुरूआत अच्छी नही रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल के पहले ही दिन आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए उसको दी जाने वाली मदद पर लगाम लगाने की बात कही। जिसके बाद अमेरिका ने उसे दी जाने वाली 7 हजार करोड़ की सैन्य मदद पर रोक लगा दी। 

लेकिन ट्रंप का गुस्सा आतंकवाद के पोषक देश पर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। व्हाइट हाउस के मुताबिक, अगर पाकिस्तान तालिबान और हक्कानी जैसे आतंकी नेटवर्क पर अंकुश नहीं लगाता तो अमेरिका के पास अन्य कई विकल्प मौजूद हैं।

ट्रंप प्रशासन के उच्च अधिकारी ने कहा 'पाकिस्तान से डील करने के लिए हमारे पास सैन्य मदद रोकने के अलावा भी कई अन्य विकल्प मौजूद हैं। लेकिन फिलहाल उन विकल्पों के बारे में नहीं बताया जा सकता। किसी को भी यह नहीं समझना चाहिए की हम कमजोर हैं, लेकिन फिर भी हम पाकिस्तान के साथ सहयोग चाहते हैं।'

बता दें कि अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को दी जाने वाली 7 हजार करोड़ की सैन्य मदद पर पहले ही रोक दी गई है। अमेरिका ने कहा कि जब तक पाकिस्तान अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करता, तब तक सैन्य मदद को पूरी तरह रोक दिया गया है।

अमेरिका का आरोप है कि पाकिस्तान आज तक आतंक के खिलाफ लड़ाई को लेकर मूर्ख बनाता आया है। साथ ही वह तालिबान के खिलाफ एक्शन में फेल रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता हिथर नॉर्ट ने कहा, "आज हम पाकिस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता को निलंबित कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को तभी फंडिंग मिलेगी जब वह आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सख्त एक्शन ले।



loading...