लोकसभा चुनाव की तैयारी में अखिलेश, कहा- पार्टी का जनाधार बढ़ाना पहली प्राथमिकता

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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि वर्ष-2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर अभी वह किसी चुनावी गठबंधन पर विचार नहीं कर रहे हैं। इस समय उनका पूरा ध्यान पार्टी को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसके लिए जल्दी ही वह एक रथयात्रा भी निकालेंगे। मंगलवार को अखिलेश ने कहा कि चुनावी गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर काफी समय जाया करना पड़ता है। वर्ष-2019 के चुनाव में यूपी से पूरे देश में संदेश जाएगा। इसलिए अभी मैं किसी पार्टी के साथ गठबंधन के बारे में नहीं सोच रहा हूं। साथ ही, सीटों को लेकर भी किसी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं पैदा करना चाहता।

उन्होंने कहा कि वह पार्टी के वोट बैंक को मजबूत करने में लगे हुए हैं। वह समान विचार वाली पार्टियों को साथ लेकर चलने में यकीन रखते हैं। प्रत्येक लोकसभा सीट पर काम हो रहा है और हर मजबूत सीट पर प्रत्याशी उतारे जाएंगे। अखिलेश ने कहा कि मध्य प्रदेश, झारखंड व छत्तीसगढ़ में भी संगठन मजबूत है। उत्तराखंड व राजस्थान में भी संगठन काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा वर्ष-2017 का विधानसभा चुनाव बसपा का वोट बैंक शिफ्ट होने की वजह से जीती, लेकिन सपा का वोट बैंक पूरी तरह हमारे साथ ही रहा।सपा प्रमुख ने कहा कि यूपी ने भाजपा को सबसे ज्यादा सांसद दिए हैं,  इसलिए योगी सरकार को अगले महीने आने वाले मोदी सरकार के आखिरी बजट में यूपी के लिए अधिकतम राशि की मांग करनी चाहिए।

अखिलेश ने गोरखपुर और फूलपुर के उप चुनाव बैलट पेपर्स से कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे मशीन के बारे में उठाए जा रहे तमाम शक भी दूर होंगे। इन्वेस्टर्स समिट पर व्यंग करते हुए उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश सरकार कार्यक्रम स्थल व हमारे कार्यकाल में बने जेपी सेंटर के लिए कुर्सी खरीदने का तो इंतजाम कर ले।



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