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‘De De Pyaar De’ Movie Review: कमजोर डायरेक्शन और कॉमेडी-रोमांस की हल्की डोज है ये फिल्म

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बॉलीवुड ऐज गैप जैसे बोल्ड विषयों पर फिल्म बनाने के लिए अभी मैच्योर नहीं हो सका है. 'दे दे प्यार दे’ को देखते हुए जेहन में पहली बात यही कौंधती है. 50 साल की उम्र में 26 साल की लड़की से इश्क होना, बिल्कुल भी आम बात नहीं है. डायरेक्टर इस विषय को उठाते हुए इस बात को भूल ही गए कि वे तीन लोगों के रिश्तों को लेकर फिल्म गढ़ रहे हैं. अजय देवगन, तब्बू और रकुल प्रीत सिंह की तिकड़ी के बीच जिस तरह की केमेस्ट्री आकिव अली ने दिखाई है, वह हास्यास्पद है.

'दे दे प्यार दे' की कहानी 50 साल के अजय देवगन की है जो अपनी पत्नी से अलग हो चुका है. अजय देवगन को 26 साल की रकुल प्रीत से इश्क हो जाता है. यह अनोखी लव स्टोरी पूरे उफान पर बहती है. अजय देवगन अपनी इस युवा साथी के साथ अपनी पूर्व पत्नी और बच्चों के पास पहुंचता है. उसके बाद शुरू होती है अजीबोगरीब कहानी. पहला हाफ कुछ हंसाता है लेकिन दूसरे हाफ में ऐसा लगता है कि डायरेक्टर को समझ नहीं आ रहा है कि जो रायता उन्होंने फैलाया है, उसे कैसे समेटे. फिल्म की रफ्तार बहुत स्लो हो जाती है. स्क्रीनप्ले भी बेहद खराब है.  

अगर एक्टिंग की बात करें तो रकुल प्रीत सिंह दिल जीतने में कामयाब रहती हैं. फिल्म की जान रकुल प्रीत सिंह हैं और जब भी वे स्क्रीन पर आती हैं, दर्शकों के चेहरे पर चमक दौड़ जाती है. तब्बू ने अच्छी एक्टिंग की है, लेकिन अजय देवगन इस रोल में बहुत जमे नहीं हैं, और एक्टिंग के मामले में भी कहीं आउट नजर आते हैं. कुल मिलाकर उनकी एक्टिंग बहुत ही एवरेज रही है. ये भी कह सकते हैं कि वे इस रोल में कहीं मिसफिट लगते हैं.

‘De De Pyaar De’ का डायरेक्शन बेहद कमजोर है और कहानी भी पटरी से उतरी हुई है. हालांकि फिल्म का संगीत जरूर मजेदार है, और उन गानों पर रकुल प्रीत सिंह को देखना वाकई अच्छा अनुभव है. फिल्म में यूथ को कनेक्ट करने वाला कनेक्शन भी मिसिंग नजर आता है. ऐसे में 'दे दे प्यार दे'  निराश करती है.



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