Ahoi Ashtami 2019: इस बार अहोई अष्टमी पर बन रहा है खास संयोग, जानें पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

2019-10-19_AhoiAshatmiVrat.jpg

करवा चौथ के बाद महिलाएं अब अहोई अष्टमी की तैयारियों में जुट गई हैं. जिस तरह पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं करवा चौथ करती हैं, उसी तरह बच्चों के लिए अहोई अष्टमी का व्रत करती हैं. कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी को अहोई अष्टमी का पर्व आता है. वैसे तो ये व्रत पुत्र के लिए किया जाता है, लेकिन अब महिलाएं इसे अपनी पुत्रियों के लिए भी करने लगी हैं.

इस बार इस व्रत पर शुभ संयोग बन रहा है. अहोई अष्टमी व्रत में मां पार्वती की पूजा की जाती है और महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र की कामना करती हैं. मान्यता है कि इस दिन से दीपावली के उत्सव का आरंभ हो जाता है. इस दिन महिलाएं चांदी की अहोई बनाती हैं और फिर उसकी पूजा करती हैं. इसकी महिमा का बखान पद्मपुराण में भी किया गया है.

पूजा शुभ मुहूर्त-
21 अक्टूबर 2019 को शाम 5 बजकर 42 मिनट से 6 बजकर 59 मिनट तक
कुल अवधिः 1 घंटे 17 मिनट

पूजा विधि-
– अहोई अष्‍टमी के दिन सबसे पहले स्‍नान कर साफ कपड़ें पहनें और व्रत का संकल्प लें.

– मंदिर की दीवार पर गेरू और चावल से अहोई माता और उनके सात पुत्रों की तस्वीर बनाएं. आप चाहें तो अहोई माता की फोटो बाजार से भी खरीद सकते हैं.

– अहोई माता यानी पार्वती मां के सामने एक पात्र में चावल से भरकर रख दें. इसके साथ ही मूली, सिंघाड़ा या पानी फल रखें.

– मां के सामने एक दीपक जला दें.

– अब एक लोटे में पानी रखें और उसके ऊपर करवा चौथ में इस्तेमाल किया गया करवा रख दें. दिवाली के दिन इस करवे के पानी का छिड़काव पूरे घर में करते हैं.

– अब हाथ में गेहूं या चावल लेकर अहोई अष्टमी व्रत कथा पढ़ें.

– व्रत कथा पढ़ने के बाद मां अहोई की आरती करें और पूजा खत्म होने के बाद उस चावल को दुपट्टे या साड़ी के पल्‍लू में बांध लें.

– शाम को अहोई माता की एक बार फिर पूजा करें और भोग चढ़ाएं तथा लाल रंग के फूल चढ़ाएं.

– शाम को भी अहोई अष्टमी व्रत कथा पढ़ें और आरती करें.

– तारों को अर्घ्य दें. ध्यान रहे कि पानी सारा इस्तेमाल नहीं करना है. कुछ बचा लेना है. ताकि दिवाली के दिन इसका इस्तेमाल किया जा सके.

– पूजा के बाद घर के बड़ों का आशीर्वाद लें. सभी को प्रसाद बांटें और भोजन ग्रहण करें.
 



loading...