रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप दूसरी बार 100 अरब डॉलर के पार, TCS से 10 अरब डॉलर पीछे

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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) 11 साल बाद फिर 100 अरब डॉलर की कंपनी बन गई. शेयर में 5% से ज्यादा तेजी की वजह से इसका मार्केट कैप गुरुवार को 100 अरब डॉलर (6.90 लाख करोड़ रुपए) के पार पहुंचा. 18 अक्टूबर 2007 को भी रिलायंस ने इतनी मार्केट वैल्यू हासिल की थी. उस वक्त डॉलर का मूल्य करीब 40 रुपए था. इस हिसाब से कंपनी का मार्केट कैपिटल उस वक्त करीब 100 अरब डॉलर (4.11 लाख करोड़ रुपए) था. अभी सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली भारतीय कंपनी टीसीएस है.उसका मार्केट वैल्यूएशन 111 बिलियन डॉलर है. रिलांयस अभी टीसीएस से 10 अरब डॉलर पीछे है.

आरआईएल का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 1,098 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 1,099 रुपए तक चढ़ा. बीएसई पर ये 4.42% उछाल के साथ 1082.20 पर और एनएसई पर 4.05% ऊपर 1,080.90 पर बंद हुआ. इस साल यह 20% रिटर्न दे चुका है. एक जनवरी को शेयर का भाव 911 रुपए था. रिलायंस का वैल्यूएशन 41 साल में करीब 69,000 गुना बढ़ा है. 1977 में जब इसका आईपीओ आया, तब मार्केट कैप 10 करोड़ रुपए था. अब यह 6.90 लाख करोड़ रुपए है.

टीसीएस की मार्केट वैल्यू भी 23 अप्रैल को 100 अरब डॉलर (6.60 लाख करोड़) पहुंच गई. टीसीएस इस एलीट क्लब में शामिल होने वाली दूसरी भारतीय कंपनी और देश की पहली आईटी कंपनी बनी. अब रिलायंस दूसरी बार 100 अरब डॉलर क्लब में आई है.

वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में प्रॉफिट 17.3 फीसदी बढ़कर 9,435 करोड़ रुपए हो गया. तिमाही आधार पर यह अब तक सबसे ज्यादा है. पिछले साल की इसी तिमाही (जनवरी-मार्च 2017) में मुनाफा 8,046 करोड़ रुपए था. जनवरी-मार्च 2018 में आय 39% बढ़कर 1,29,120 करोड़ रुपए रही थी.



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