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महात्मा गांधी पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज का बड़ा विवादित बयान, विवाद हुआ तो वापस लिया बयान

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता अनिल विज ने राष्ट्रपिता महात्मा को लेकर विवादित बयान दिया है। अपने विवादित बोल को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले विज ने कहा है की धीरे-धीरे गांधीजी नोटों से भी गायब हो जाएंगे। खादी ग्रामोद्योग में चरखे के साथ प्रधानमं

गाड़ी से मिले भारी मात्रा में हथियार, आरोपी साध्वी देवा ठाकुर साथी सहित न्यायिक हिरासत में

शादी समारोह में हुई महिला की मौत के बाद सलाखों के पीछे पहुंची साध्वी देवा ठाकुर और उसके साथी. लेकिन अब सनसनी मची है उनकी गाड़ी में मिले हथियारों से. पुलिस भी हैरान हो गयी 4 बंदूकें देख कर. मामले में पांच दिन के रिमांड पर चल रही साध्वी देवा ठाकुर व गिरफ्तार किए अ

VIDEO: हिंदू महासभा की नेता साध्वी देवा की फायरिंग ने ली एक की जान, 6 घायल

अखिल भारतीय हिंदू महासभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साध्वी देवा ठाकुर विवादों में घिर गई हैं। देवा ठाकुर के खिलाफ करनाल के सिटी थाने में हत्या के आरोप में केस दर्ज हुआ है। उन पर आरोप है कि वी मंगलवार को एक मंगनी के प्रोग्राम में आशीर्वाद देने पहुंची थी, लेकिन इस दौरान बंदूक रखने क

बस और ट्रक के बीच कुचला गया टैंपो, 6 लोगों की मौत

नेशनल हाईवे नंबर-4 पर धुंध के चलते हुए एक दर्दनाक हादसे में 6 लोगों की मौके पर मौत हो गई। घटना सिरसा जिले के डबवाली में सावंत खेड़ा इलाके के पास की है। हादसे में एक मिनी टैंपो को सामने से आ रही बस और पीछे से आ रहे ट्रक ने बुरी तरह कुचल दिया। 17 की हालत गंभीर है। हादसे की वजह ट

जो 'आत्महत्या' करता है वो शहीद हो ही नहीं सकता, रामकिशन को शहीद की संज्ञा देना गलत : मनोहर लाल खट्टर

जो सुसाइड करले वो कैसा शहीद? हरियाणा के मुख्यमंत्री ने दिल्ली में सुसाइड करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल को शहीद मानने से इंकार कर दिया है. आत्महत्या करने वाला शहीद नहीं कहलाता. शहीद तो वो होता है जो लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हुआ हो. सरकार ने रामकिशन क

राजकीय सम्मान के साथ विदा हुए पूर्व फौजी रामकिशन, श्रद्धांजली देने पहुंचे सीएम अरविन्द और राहुल

हरियाणा सरकार ने फैसला लिया कि राजकीय सम्मान के साथ रामकिशन ग्रेवाल का अंतिम संस्कार किया जाएगा. वन रैंक-वन पेंशन की मांग को लेकर सुसाइड करने वाले पूर्व सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल का अंतिम संस्कार गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है. इस राजकीय विदाई में राहुल गांधी, अर

सुसाइड करने वाले पूर्व सैनिक राम किशन का हुआ अंतिम संस्कार, केजरीवाल ने दी 1 करोड़ की मदद

मंगलवार देर रात जहर खाकर सुसाइड करने वाले पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल का आज भिवानी में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मृतक के परिजनों को मुआवजे के तौर पर 1 करोड़ रुपए दिए जाने की घोषणा की है। इसके अलावा एक परिजन को सरकारी नौ

आज होगा पूर्व सैनिक का अंतिम संस्कार, राहुल होंगे शामिल

जंतर-मंतर पर वन रैंक, वन पेंशन (OROP) को लेकर आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है. RML अस्पताल में बुधवार रात रामकिशन का पोस्टमार्टम हुआ. इसके बाद रामकिशन के पार्थिव शरीर को भिवानी ले जाया गया. आज हरियाणा के भिवानी में रामकि

फिर आफत में फंसी मशहूर डांसर सपना चौधरी, हरयाणा कोर्ट ने दोबारा पेश होने के दिए आदेश

हरियाणवी सिंगर और डांसर सपना चौधरी के ठुमकों के लाखों दीवाने हैं. उनकी रागिनी सुनने के लिए लोग बेताब रहते हैं. अब वही रागिनी सपना चौधरी के लिए गले की हड्डी बन गई है. उनके खिलाफ चल रहे एक मामले में पंजाब और हरियाणा होईकोर्ट ने उन्हें जाँच में दोबारा शामिल होने का आदेश दिया है.&

अम्बाला के नर्स ट्रेनिंग स्कूल में की जाती थी रैगिंग, लड़कियों को साफ करने पड़ते थे टॉयलेट

रैगिंग को हर राज्य की सरकार ने निषेध माना है और इसे करने वालों पर सख्त कानून भी हैं. लेकिन फिर भी छात्र मजे के लिए करते हैं रैगिंग. देश में रैगिंग बैन है, उसके बावजदू एक शैक्षणिक संस्थान में रैगिंग का शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. मामला हरियाणा के अंबाला श


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  • स्वयं के उत्थान के लिए भाषा का विकास सबसे ज़रूरी : राज महाजन

    कहते हैं जिसने अपनी मातृभाषा में पकड़ मजबूत करली वही इंसान जीवन में सफल है और मातृभाषा के उत्थान के लिए हमें ही कदम उठाने पड़ेंगे. 14 सितंबर को हर साल हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है. हिंदी को राजभाषा का दर्जा हासिल है और हिंदी भारत में बोलचाल के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा है. 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा के रूप में अंगीकार किया गया था. हिंदी के महत्व को बताने और इसके प्रचार प्रसार के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अनुरोध पर 1953 से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है. 

    1918 में हिन्दी साहित्य सम्मेलन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हिंदी को जनमानस की भाषा बताया था. साल 1949 में स्वतन्त्र भारत की राजभाषा के प्रश्न पर 14 सितंबर 1949 को काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया जिसे भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय की धारा 343(1) में बताया गया है कि ‘संघ की राज-भाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी. यह निर्णय 14 सितंबर को लिया गया था. इसी वजह से इस दिन को हिन्दी दिवस के रूप में घोषित कर दिया गया. लेकिन जब राजभाषा के रूप में हिंदी लागू की गई तो गैर-हिन्दी भाषी राज्य के लोगों के बीच से विरोध के सुर भी उठने लगे और फिर अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा देना पड़ा. यही कारण रहा है कि हिन्दी में भी अंग्रेजी भाषा का प्रभाव पड़ने लगा.

    आज पूरा विश्व ग्लोबल हो गया है. इस दौर में भाषा ने भी अपना रूप बदल लिया है. हिंदी की जगह अंग्रेजी हो गया है. मज़े की बात है जिसे हिंदी नहीं बोलनी आती उसे भी अच्छी नौकरी मिलती है क्यूंकि उसे अंग्रेजी बोलनी आती है. हिंदी आये या न आये, लेकिन “इंग्लिश” आनी ज़रूरी है. अपनी ही भाषा का अपने ही देश में इस तरह से ह्रास होना निंदनीय है.

    1991 के बाद भारत में नव-उदारीकरण की आर्थिक नीतियां लागू की गई. नई प्रौद्योगिकी और इससे उपजते हुये सेवा और उद्योग देश की अर्थ, नीति में कई सारे महत्वपूर्ण बदलाव हुए. इस बदलाव का भाषा पर भी जबरदस्त असर पड़ा. अंग्रेजी के अलावा किसी दूसरे भाषा की पढ़ाई को समय की बर्बादी समझा जाने लगा. जब हिन्दी भाषी घरों में बच्चे हिन्दी बोलने से कतराने लगे, या अशुद्ध बोलने लगे तब कुछ विवेकी अभिभावकों के समुदाय को एहसास होने लगा कि घर-परिवार में नई पीढ़ियों की जुबान से मातृभाषा उजड़ने लगी है. इसलिए हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए राजभाषा सप्ताह या हिंदी पखवाड़ा मनाया जाने लगा. इस पूरे सप्ताह सरकारी विभागों और विद्यालयों में अलग-अलग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है ताकि हिंदी को बढ़ावा दिया जा सके और ज़्यादा लोग इसका प्रयोग उतने ही स्वाभिमान से करे जैसे इंग्लिश का करते हैं. 

    आज सभी जगहों पर इंग्लिश के साथ-साथ हिंदी का चलन भी बढ़ा है. लेकिन नई पीढ़ी कहीं इससे पूरी तरह से वंचित न रह जाए इसलिए समाज का बुद्धिजीवी वर्ग इसके लिए प्रयास कर रहा है. हर तबका अपने-अपने हिसाब से हिंदी का उत्थान करने का प्रयास कर रहा है. कवि अपनी कविताओं के ज़रिये, साहित्यकार अपने साहित्य के ज़रिये, शिक्षक अपनी विद्या के ज़रिये और घर में माता-पिता अपने संस्कारों के ज़रिये. ऐसा ही एक छोटा सा प्रयास मैंने भी किया है और आगे भी करता रहूँगा. मैं राज महाजन अपने तरीके से हिंदी के उत्थान में जुड़ा हूँ. हो सकता है मेरा करना काफी नहीं होगा. लेकिन मैंने अपने ही बूते पर एक शुरुआत की है जिससे मैं आने वाली पीढ़ी को हिंदी का महत्व समझा सकूँ. मेरा मानना है अगर समाज को उन्नत और उत्कृष्ट बनाना है तो पहले अपनी जड़ों को मजबूत और संमृद्ध बनाना होगा. इसके लिए भाषा को पतन से बचाना होगा. ज़रूरी नहीं कि उत्थान तभी होगा जब हम रोज हिंदी बोलेंगे. उत्थान तब होगा जब हिंदी बोलने पर शर्म महसूस नहीं करेंगे. पूरी आत्मीयता से हिंदी को अपनाएंगे, हिंदुत्व का विकास हिंदी से ही होगा. आज हिंदी दिवस पर मैं सभी को इस ओर प्रेरित करता हूँ और आने वाली पीढ़ी से एक 
    गुज़ारिश करता हूँ कि अंग्रेजी का प्रयोग तो करें लेकिन अपनी जड़ों को न भूलें जिनमें  हिन्द और हिंदी समाई है. हिंदी से जुड़ना मेरे लिए गौरव का विषय है.    

  • श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक है जन्माष्टमी

    आज है गोकुल के नटखट ग्वाले कृष्ण का जन्मदिन यानि “जन्माष्टमी”. कहते हैं जब नन्हे कान्हा ने मामा कंस के  कारागार में जन्म लिया था तब वहां मौजूद सभी पहरेदारों को निद्रा ने अपने वश में कर लिया था. उनके जन्म लेते ही उस कारागार में एक आलौकिक प्रकाश पुंज छा गया था जिससे सभी की आँखे कुछ पलों के लिए चुंधिया गईं थीं. नन्हे कान्हा के तेज के आगे समस्त भू लोक नमन करने लगा था. जैसे-जैसे कान्हा बढ़े होते गए वैसे-वैसे उनकी लीलाएं भी बढ़ती चली गई. जब-जब उनके भक्तों को उनकी आवश्यकता पड़ी, तब-तब भगवान कृष्ण ने सहारा दिया. कभी द्रौपदी का भाई बनकर, कभी अर्जुन का सखा बनकर, कभी सुदामा से अपनी मित्रता निभाकर, कभी डूबते का सहारा बनकर, कभी गोवर्धन उठाकर भक्तों का तारक बनकर, तो कभी कर्तव्य का मोल बताने के लिए महाभारत के युद्ध का आगाज़ कराकर. एक वही इस समस्त जगत में हर रूप में, कण-कण में विद्यमान है. आज का दिन उन्हीं की भक्ति में रमने का है. "गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है, समस्त जगत में इक तू ही मेरो है”  

    भगवान श्रीकृष्ण विष्णु जी के ही अवतार हैं जिन्हें सोलह कलाएं प्राप्त हैं. उन्होंने ही प्राणीमात्र को संदेश दिया कि फल की इच्छा रखना व्यर्थ है सिर्फ कर्म ही मनुष्य का अधिकार है. जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण का जनमोत्स्व और मैं राज महाजन इस पावन पर्व पर कुछ कहना चाहता हूँ जन्माष्टमी की रात्रि को मोह-रात्रि भी कहा गया है क्यूंकि इस रात्रि में मनुष्य मोह-माया के बंधन से मुक्त हो जाता है. ऐसी मान्यता है जन्माष्टमी के दिन व्रत-उपवास रखने से हर मनोकामना पूरी होती है. बाल गोपाल के जन्म से समस्त संसार तर गया था. भगवान श्री कृष्ण ने कर्म को प्रधान कहा था लेकिन आज कलियुगी युग में कर्म की प्रधानता कहीं खो सी गई है, इसलिए भी जन्माष्टमी का महत्व यहाँ और भी ज़्यादा बढ़ गया है. मेरा भी मानना यही है कि कर्महीन मनुष्य को फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए. तो आईये नन्हे गोपाल की भक्ति में आज का यह शुभ दिन अर्पण करदें. सर्वगुण संपन्न मोहन की भक्ति कीजिये क्यूंकि भक्ति में ही शक्ति है. बाल गोपाल को अपने मन में बिठाईये और इस जगतमय बंधन से मुक्त हो जाईए. श्रद्धा और उल्लास से भरे इस पर्व का आनंद उठाईये. एक बार फिर मेरी यानि राज महाजन की तरफ़ से इस पावन पर्व की हार्दिक बधाई.
     

  • जानिए IPC में धाराओं का मतलब

    हमारे देश में कानूनन कुछ ऐसी हकीक़तें है, जिसकी जानकारी हमारे पास नहीं होने के कारण हम अपने अधिकार से मेहरूम रह जाते है। इसलिए आज हम आपके लिए लाये हैं कानून की उन धाराओं की जानकारी जो आपको आपके अधिकारों को जानने में मदद कर सकती हैं।

    जानिए IPC में धाराओं का मतलब

    धारा 307 = हत्या की कोशिश धारा, 302 =हत्या का दंड, धारा 376 = बलात्कार, धारा 395 = डकैती, धारा 377= अप्राकृतिक कृत्य, धारा 396= डकैती के दौरान हत्या, धारा 120= षडयंत्र रचना, धारा 365= अपहरण धारा, 201= सबूत मिटाना, धारा 34= सामान आशय, धारा 412= छीनाझपटी, धारा 378= चोरी, धारा 141=विधिविरुद्ध जमाव, धारा 191= मिथ्यासाक्ष्य देना, धारा 300= हत्या करना, धारा 309= आत्महत्या की कोशिश, धारा 310= ठगी करना, धारा 312= गर्भपात करना, धारा 351= हमला करना, धारा 354= स्त्री लज्जाभंग, धारा 362= अपहरण, धारा 415= छल करना, धारा 445= गृहभेदंन, धारा 494= पति/पत्नी के जीवनकाल में पुनःविवाह, धारा 499= मानहानि, धारा 511= आजीवन कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न के लिए दंड। 

    अब ऐसी कुछ बातें जिनको जानना बेहद ज़रुरी है  
     
    सिलेंडर फटने से जान-माल के नुकसान पर 40 लाख रूपये तक का बीमा कवर क्लेम कर सकते हैं- पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत अगर किसी कारण आपके घर में सिलेंडर फट जाता है और आपको जान-माल का नुकसान झेलना पड़ता है, तो आप तुरंत गैस कंपनी से बीमा कवर क्लेम कर सकते हैं. आपको बता दें, कि गैस कंपनी से 40 लाख रूपये तक का बीमा क्लेम कराया जा सकता है. अगर कंपनी आपका क्लेम देने से मना करती है  या टालती है, तो इसकी शिकायत की जा सकती है. दोषी पाये जाने पर गैस कंपनी का लायसेंस रद्द हो सकता है. 

    शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकती- कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर चाहे उस महिला का गुनाह कितना भी संगीन क्यों न हो. अगर पुलिस ऐसा करते हुए पाई जाती है, तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत (मामला) दर्ज की जा सकती है. इससे उस पुलिस अधिकारी की नौकरी भी खतरे में आ सकती है.  

    किसी भी हॉटेल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों न हो, आप फ्री में पानी पी सकते हैं और वाशरूम इस्तेमाल कर सकते हैं- इंडियन सीरीज एक्ट 1887 के अनुसार, आप देश के किसी भी हॉटेल में जाकर पानी मांगकर पी सकते हैं और उस हॉटेल का वाशरूम भी इस्तेमाल कर सकते हैं. हॉटेल छोटा हो या 5 स्टार, वो आपको रोक नहीं सकते. अगर हॉटेल का मालिक या कोई कर्मचारी आपको पानी पिलाने से या वाशरूम इस्तेमाल करने से रोकता है, तो आप उन पर कारवाई कर सकते हैं. आपकी शिकायत से उस हॉटेल का लायसेंस रद्द हो सकता है.  

    गर्भवती महिलाओं को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता- मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 के मुताबिक़, गर्भवती महिलाओं को अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता. मालिक को पहले तीन महीने का नोटिस देना होगी और प्रेगनेंसी के दौरान लगने वाले खर्चे का कुछ हिस्सा भी देना होगा. अगर वो ऐसा नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सरकारी रोज़गार संघटना में शिकायत कराई जा सकती है. इस शिकायत से कंपनी बंद हो सकती है या फिर कंपनी को जुर्माना भरना पड़ सकता है.  

    पुलिस अफसर आपकी शिकायत लिखने से मना नहीं कर सकता- आईपीसी के सेक्शन 166ए के अनुसार, कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी कोई भी शिकायत दर्ज करने से इंकार नहीं कर सकता. अगर वो ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. अगर वो पुलिस अफसर दोषी पाया जाता है, तो उसे कम से कम 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है या फिर उसे अपनी नौकरी गवानी पड़ सकती है.