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आंध्र प्रदेश

कॉन्ट्रेक्ट पर शादी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, आठ विदेशियों सहित 20 गिरफ्तार

पुलिस ने हैदराबाद में कॉन्ट्रैक्ट पर शादी कराने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कि मध्य पूर्व और खाड़ी देश के बुजुर्गों के साथ यहां की नाबालिग लड़कियों की शादी कराते हैं. इस मामले में ओमान के पांच, कतर के तीन नागरिकों सहित 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

स्कूल में हैवानियत : सिविल ड्रेस में स्कूल आई 5th क्लास की बच्ची को टीचर ने ब्वॉयज टॉयलेट किया खड़ा

आंध्र प्रदेश के हैदराबाद के प्राइवेट स्कूल में सिविल ड्रेस में आने पर टीचर ने कथित तौर 11 साल की लड़की को ब्वॉयज टॉयलेट में खड़ा कर दिया. 5th क्लास में पढ़ने वाली इस लड़की ने घर आकर पेरेंट्स को पूरी घटना बताई. पेरेंट्स ने इसकी शिकायत

आंध्रप्रदेश में भारी वोटों के अंतर से जीती टीडीपी, नांदयाल सीट की अपने नाम

आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी ने नांदयाल विधानसभा सीट पर भारी मतों से जीत दर्ज की है. इससे वाईएसआर कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है, जिसने 2014 में इस सीट पर जीत दर्ज की थी. तेलुगू देशम पार्टी के भुमा ब्रह्मानंद रेड्डी ने अपने निकटतम नज़दी

हैदराबाद की लड़की के साथ सऊदी अरब में हो रहा है हैरसमेंट, परिवार ने मांगी सरकार से मदद

सउदी अरब की राजधानी रियाद में हैदराबाद की एक महिला के साथ मेंटल और सेक्सुअल हैरसमेंट का मामला सामने आया है। हुमैरा नाम की इस महिला के इम्प्लॉयर पर इसका आरोप लगा है। हुमैरा के परिवार ने उसे वहां से निक

आंध्र प्रदेश के सड़क हादसे में बस ड्राईवर के साथ स्पेन के 4 नागरिकों की मौत

शनिवार को आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में एक सड़क हादसे में स्पेन के चार नागरिकों समेत पांच लोगों की मौत हो गई. जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया की दुर्घटना पुंगनूर खंड में यताला वांका के पास हुई, पुलिस के अनुसार अपने गंतव्य की ओर जा रही एक छोटी बस की

इंडिगो और एयर इंडिया ने TDP सांसद पर से फ्लाइंग बैन हटाया

इंडिगो एयरलाइन की उड़ान में चढ़ने की अनुमति न दिए जाने पर विशाखापट्नम हवाई अड्डे पर कथित तौर पर हंगामा करने वाले, टीडीपी सांसद जे. सी. दिवाकर रेड्डी पर अपने विमानों में लगाए गए उड़ान प्रतिबंध को रद्द कर दिया है. इस बात की जानकारी कंपनी ने एक बयान जारी कर दी. इसके साथ ही एयर इंडिया भी टी

TDP सांसद दिवाकर रेड्डी ने विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर किया हंगामा

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर गुरुवार को टीडीपी सांसद जेसी दिवाकर रेड्डी ने हंगामा किया। सांसद एयरपोर्ट पर 15 मिनट देरी से पहुंचे थे, तब तक इंडिगो एयरलाइन्स ने काउंटर बंद कर दिया। आरोप है कि बोर्डिंग पास नहीं मिलने पर रेड्डी की एयरलाइन्स के स्टाफ से नोकझोंक हुई। हंगामा करते ह

विडियो: ऑपरेशन के लिए ज़रूरत थी पैसों की, मगर पिता ने नहीं दिए

मामला आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा का है. लड़की का नाम साई श्री (13) था. उसे बोन मैरो कैंसर था. उसकी मां 40 लाख रुपए खर्च कर चुकी थी अपनी ही बच्ची को नहीं बचाया एक निर्दय पिता ने. 13 साल की साई श्री अपने पिता से इलाज़ के लिए गुहार लगाती रही, वह कहती रही कि घर बेच दो, लेकिन मेरे कैंसर का इलाज कराओ. आख

हैदराबाद: नरेंद्र मोदी के भाई का सेक्रेटरी बनकर अफसरों पर रौब जमाने वाले शख्स को पुलिस ने किया अरेस्ट

India वाकई अजीब और विवद्ताओं से भरा देश है. जहाँ पर कुछ भी हो सकता है. यहाँ पर किसी बड़े नेता का कभी कोई भाई बन जाता है. तो कभी बेटा और इस तरह वो सख्श कई लोगो को चुना लगा जाता है. इस बार भाई या फिर बेटा बनकर नही बल्कि एक सख्श ने नरेंद्र मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी का सेक्रेटरी बनकर धोखाधड़ी की

आंध प्रदेश : नहर में गि‍री प्राइवेट बस, 10 यात्रियों की मौत, 30घायल

आंध प्रदेश के कृष्णा जिले में मंगलवार सुबह विशाखापट्टनम जा रही एक बस के एक नहर में गिर जाने से 10 यात्रियों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है और कई लोग अंदर फंसे हुए हैं। हैदराबाद से आ रही

हैदराबाद पहुंचा अमेरिका में नस्ली हमले में मारे गए इंजीनियर का शव

सोमवार रात अमेरिका में नस्ली हमले में मारे गए भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कोचीभोतला का शव यहां पहुंच गया. हवाईअड्डे से उनका शव उनके बाचूपल्ली स्थित आवास पर ले जाया गया. जानकारी के मुताबिक, वह अमेरिका के ओलाथे के गारमिन मुख्यालय में काम करते थे. बुधवार रात हुए हमले में वह मारे गए, जबकि उनक

हैदराबाद: कूलर के गोदाम में आग, 6 की मौत

हैदराबाद के राजेंद्रनगर में एक एयर कूलर कारखाने में शार्ट सर्किट से आज सुबह भीषण आग लग गई जिससे छह लोगों की मौत हो गई है और कई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक आग सुबह 5 बजे लगी। उस वक्त कारखाने में काम करने वाले मजदूर वहां सो रहे थे। आशंका जताई जा रही है मजदूर कारखा

तिरुपति बालाजी को 5.45 करोड़ के गहने चढ़ाएंगे चंद्रशेखर राव

तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव तिरुपति मंदिर जहां पर मन्नत पूरी होने पर तिरुपति मंदिर में करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी और हीरे-जवाहरात के गहने दान करेंगे। मुख्यमंत्री अपने परिवार के सदस्यों, मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ यहां तिरुमला मंदिर के लिए बहुप्रतीक्षित धन्यवाद या


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  • ‘स्कूल’ हैं सबसे ज़्यादा असुरक्षित – राज महाजन

    ‘स्कूल’ हैं सबसे ज़्यादा असुरक्षित – राज महाजन

    8 सितम्बर को हुआ इंसानियत को शर्मशार करने वाला  काण्ड. एक बच्चा रोज की तरह अपने स्कूल जाता है. लेकिन उस दिन वह घर वापिस नहीं आता. अपने पीछे छोड़ गया वो खिलखिलाती सी मुस्कान, मीठी बातें और कई ‘अनसुलझे सवाल’. गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले प्रद्युम्न का मर्डर क्या सच में बस कंडक्टर अशोक ने किया है? कैसे कंडक्टर स्कूल में चाकू लेकर दाखिल हो जाता है? क्यूँ उसने प्रद्युम्न को ही अपना शिकार बनाया? क्या प्रद्युम्न ने स्कूल में कुछ ऐसा देखा था कि जिसकी वजह से उसे मौत के घाट उतार दिया गया?

    सिर्फ एक प्रद्युम्न के साथ ही ऐसा नहीं हुआ है. पिछले कुछ दिनों में यह फेहरिस्त काफी लम्बी हो गयी है. बेंगलुरु में भी स्कूल के ही चपरासी ने चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. घटना का ख़ुलासा तब हुआ जब बच्ची ने प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत घरवालों से की. ऐसी ही एक घिनौनी हरकत देखने को मिली दिल्ली के गांधीनगर के पब्लिक स्कूल में. टैगोर पब्लिक स्कूल के गार्ड ने पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. गार्ड ने क्लासरूम में ले जाकर बच्ची को पहले मारने की धमकी दी और फिर उससे दुष्कर्म किया. इसके अलावा नई दिल्ली के वसंतकुंज में छह साल के एक बच्चे की वाटर टैंक में डूबकर मौत हो गई। इससे पहले गाजियाबाद के प्राइवेट स्कूल में एक बच्चा रहस्यमय मौत का शिकार हो चुका है।

    ऐसी घटनाओं के बाहर आने से इंसानियत तो शर्मशार हुई है. साथ ही इन सभी वारदातों से ये बात भी सामने आई है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा किसके जिम्मे है? अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजते हैं, इसी भरोसे के साथ कि घर के बाहर बच्चा स्कूल में सुरक्षित रहेगा. लेकिन उनके नौनिहालों के साथ इस तरह का कुकृत्य घट जाता है. इसकी जवाबदेही किसकी है?

  • पुलिस द्वारा अपने जुर्म को छिपाने की कोशिश- राज महाजन

    पुलिस द्वारा अपने जुर्म को छिपाने की कोशिश- राज महाजन

    क़ानून का काम होता है समाज की रक्षा करना और गुनह्गारों को सजा दिलाना. लेकिन आजकल के परिपेक्ष्य में क़ानून निर्दोष और मासूमों पर जुल्म करता दिख रहा है. जरा सोचिये अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए तो फिर समाज का क्या होगा? इस तरह से समाज गर्त में चला जायेगा.

    हाल ही में हुआ मंगलापुरी का संस्करण इसी बात की गवाही देता है कि पुलिस बन गयी है भक्षक. इस मामले में पुलिस एक महिला पत्रकार को जानवरों की तरह मारती है, उसका शोषण करती है, उसे मानसिक रूप से परेशान करती है. इतना ही नहीं अपनी दबंगई दिखाने के चक्कर में पुलिस उसको झूठे आरोपों के तहत फंसाने का प्रयास भी करती है.

    यह घटना घटी है न्यू मॉर्निंग की महिला पत्रकार प्रीती सुन्द्रियाल के साथ. DDA मंगलापुरी में अवैध रूप से रह रहे लोगों को उनकी झुग्गियों समेत वहां से हटाने गई थी. साथ में सरकारी काम सुचारू रूप से चले इसके लिए पुलिस भी तैनात थी. हालाँकि उस जमीन पर कोर्ट का स्टे ऑर्डर होने के बावजूद भी DDA वहां पहुँच जाता है. स्टे ऑर्डर के मुताबिक, नवम्बर तक लोगों को वहां से हटाया नहीं जा सकता.

    DDA ने अपना काम करना शुरू कर दिया और पुलिस वालों ने अपना. यहाँ न्यू मॉर्निंग की महिला पत्रकार घटना स्थल पर पहुंचकर अपना काम ही कर रही थी कि उसे पुलिस के जुर्म का शिकार होना पड़ा. पुलिस ने प्रीती पर डंडे बरसाए, लाते-घुसे बरसाए. यहाँ तक कि उसे चांटे भी मारे गये. एक महिला होने के बाद उस बुरी तरह से अपमानित किया गया बिना किसी अपराध के.

    इसके बाद शुरू हुआ पुलिस का असली खेल. घटना स्थल पर किसी उपद्रवी ने आग लगा दी जिससे लोग बेकाबू हो गये. इसका ठीकरा भी पुलिस वालों ने प्रीती के सर फोड़ा. पुलिस ने इसी बात का फयेदा उठाकर इस पूरे प्रकरण का इलज़ाम न्यू मॉर्निंग की महिला पत्रकार पर लगा दिया. उसके बाद उसे देशद्रोह और दंगा फ़ैलाने के आरोप में फंसाने के लिए पुलिस ने चालें चलनी शुरू कर दी.

    मारपिटाई के बाद महिला पत्रकार को पुलिस जबरन घसीटकर थाने ले जाती है और अपने जुर्म को छुपाने के लिए उससे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराती है. यह हस्ताक्षर भी जबरन कराये जाते हैं यहाँ तक कि पत्रकार को पढ़ने तक नहीं दिया जाता. जाहिर सी बात है उन कागजों में कुछ तो ऐसा जरूर था जो पुलिस ने उसे पढ़ने नहीं दिया.

    इस पूरे प्रकरण में पुलिस का जो चेहरा सामने आया काफी भयानक और निंदनीय है. जिसे हमारी रक्षा का दायित्व सौंपा है वही हम पर प्रहार करे तो अंजाम अंत ही होगा.

    मैं इसकी घोर निंदा करता हूँ और चाहता हूँ कि पुलिस इस मामले पर अपनी जिम्मेदारी समझते हुए आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाये. क्यूंकि कानून के मुताबिक, किसी भी महिला पर पुरुष पुलिस हाथ नहीं उठा सकता. यहाँ तो महिला और पुरुष दोनों ने मारा है. यहाँ पुलिस दोषी है महिला पत्रकार बेगुनाह.

    इस वीभत्स प्रकरण में पुलिस अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करे और आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाही करे.

  • दमन महिलाओं का नहीं, पुरुषों का हो रहा है-राज महाजन

    दमन महिलाओं का नहीं, पुरुषों का हो रहा है-राज महाजन

    स्वतंत्रता के बाद, जब समाजीकरण का उदय हुआ तो उस समय महिलाओं की स्थिति बहुत खराब थी. महिला शोषित और अत्याचार का शिकार थी. उस बद्स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने क़ानून-व्यवस्था में महिलाओं के लिए अलग से प्रावधान बनाए. महिलाओं को विशेषाधिकार दिए गए और महिलाओं ने तरक्की भी की. 

    लेकिन, अब समय बदल चुका है. महिलाओं की स्थिति हर मामले में अच्छी है. बल्कि, कुछ मामलों में महिलाएं पुरुषों से भी आगे बढ़कर हैं. अब महिलाओं की अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं. गृहस्थी से आगे निकलकर महिलाओं की अब अपनी प्राथमिकताएं हैं. अब महिलाएं सुखी-समृद्ध परिवार का हिस्सा बनकर नहीं बल्कि खुद की एक अलग पहचान बनाकर जीना चाहती हैं. परिवार अब बिखराव की ओर हैं.

    इसी दौर में, अब महिलाओं की रूचि {शादी|विवाह) में नहीं है. अगर माता-पिता के दबाब में शादी करनी पड़ गयी या फिर मनमुताबिक परिवार नहीं मिला तो कानून के विशेषाधिकारों का प्रयोग कर परिवार-मर्दन करके महिलाएं अलग हो जाती हैं. ऐसी महिलाएं अपनी शादी तोड़ने के साथ-साथ क़ानून की सहायता से पति से आर्थिक फायदे लेते हुए अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की पूरी व्यवस्था कर लेती हैं. अबला नारी नहीं ‘पुरुष’ हो गया है. दमन महिलाओं का नहीं, पुरुषों का हो रहा है. 

    अब 'सिंगल-पैरेंट' का फैशन भी ज़ोरों पर है. शादियाँ टूटने का अनुपात पहले के मुकाबले बहुत ही ज़्यादा बढ़ चुका है जिसका कारण कहीं न कहीं महिलाओं के लिए बनाए गए क़ानून और विशेषाधिकार हैं. इन कानूनों का फायदा असली महिला पीड़ितों को कितना मिला है इसके आंकडें बहुत कम हैं. लेकिन, पुलिस थानों और कोर्ट में 94 प्रतिशत मामले झूठे दर्ज हो रहे हैं. इन कानूनों की वजह से, जो महिलाएं अपने पति, सास-ससुर के प्रति प्रेम-भाव रखते हुए, गृहस्थी का निर्वाह करती थी, उनमें अहंकार और दबंगई की भावना आ गयी. महिलायें मोर्चे की शुरुआत करती हैं बाकी का बचा-खुचा काम मीडिया कर देती है.

    महिला सशक्तिकरण के नाम पर मीडिया और फिल्मकारों ने इन महिलाओं को नकारात्मक सोच का चश्मा पहना दिया, जिसमें उन्हें अपनी परिवार के प्रति जिम्मेदारियां अब अत्याचार लगने लगीं हैं. जो महिलाएं अब तक गृहस्थी का निर्वाह करती थीं, वो घर का काम करने में अपने-आपको शोषित समझने लगीं हैं. जो महिलाएं ख़ुशी-ख़ुशी पति के साथ रहती थीं और सास-ससुर की सेवा करती थीं, उनको वही सब अब अपना अपमान और अत्याचार लगने लगा है. बस फिर क्या, अब लग गयी हैं महिलाएं अपने ऊपर हुए 'शोषण' और 'अत्याचार' का बदला लेने में.

    सुखी परिवार की परिभाषा अब 'सिंगल-पैरेंट' तक सीमित होती जा रही है. पुरुषों का दमन इस स्तर तक पहुँच गया कि उन्होंने क़ानून से लड़ने की बजाय टूटकर खुदख़ुशी जैसे निर्णयों को अपना लिया है. जो कुछ बहादुर थे उनको न्याय-व्यवस्था ने तोड़ दिया.

    जब कोई पुरुष किसी थाने में जाता है तो उसे यह सुनने को मिलता है, "भाई तेरा कुछ न होने का. तू अपनी शिकायत लिख कर दे दे. वो तो 'महिला' है उसकी पहले सुनी जायेगी." न्याय-व्यवस्था के संचालकों द्वारा खुलकर ऐसे पुरुषों पर आर्थिक और मानसिक अत्याचार होता है और वो पुरुष अपने-आपको सिर्फ कोसता रह जाता है.

     जब झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई युद्ध लड़ रही थीं तो महिला सशक्तिकरण जैसी कोई नीति नहीं थी और न ही क़ानून-व्यवस्था में कोई विशेषाधिकार. जिसे अत्याचार के खिलाफ लड़ना होता है, उसके लिए कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि अत्याचार के खिलाफ लड़ने के लिए मन की शक्तिका प्रबल होना ही काफी होता है. सोचने वाली बात यह है कि अगर समाज में सीता, अहिल्या जैसी देवियाँ थीं तो मंथरा, सुपर्न्खा, ताड़का जैसी शैतान औरतें भी थीं. 

    जब तक स्त्री-पुरुषों के लिए सामान अधिकार नहीं रखे जायेंगे, तब तक हम असल मायनों में विकसित नहीं माने जायेंगे. महिलाओं के लिए कानूनी-विशेषाधिकार इस समाज के लिए दीमक के सामान हैं, जो परिवार और समाज को अंदर ही अंदर खोखला करने का काम कर रहे हैं.