प्रकाश जावड़ेकर: IIT में बढ़ेगी लड़कियों की भागीदारी, मौजूदा आठ प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत की जाएगी

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शिक्षा परिसरों में आत्महत्या की बढ़ती संख्या से चिंतित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मानसिक तनाव से निपटने में छात्रों की मदद करने के लिए वेलनेस सेंटर स्थापित करेंगे और नए छात्रों के लिए गैर शैक्षिक परिचय कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. इस संबंध में आईआईटी परिषद की एक बैठक में फैसला लिया गया.
यह देश के 23 आईआईटी से संबंधित सर्वोच्च समन्वय समिति है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान अतिरिक्त कोटा शुरू कर आईआईटी में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की योजना को भी मंजूरी दी गई.

जावड़ेकर ने कहा, ‘सभी आईआईटी में शैक्षिक एवं साथियों के दबाव से निपटने में छात्रों की मदद करने के लिए अब वेलनेस सेंटर होंगे. वे उपचार में मदद करेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘आईआईटी में आने वाले नये छात्रों के लिए एक परिचय कार्यक्रम होगा जिससे उन्हें संस्थान के माहौल में ढलने और अन्य चीजों को लेकर मदद मिलेगी.’

आईआईटी परिषद ने इस बात का संज्ञान करते हुए छात्राओं के लिए अतिरिक्त कोटा को मंजूरी दे दी कि जहां विभिन्न आईआईटी में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) 4,500 लड़कियां पास करती हैं, वहीं उनमें से केवल 800 ही विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेती हैं.

जावड़ेकर ने कहा, ‘हमने आईआईटी में छात्राओं के लिए अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था करने का फैसला किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी भागीदारी मौजूदा आठ प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत हो जाए.’ सात घंटे चली बैठक में कई दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा की गयी जिनमें शिक्षा शुल्क में 122 प्रतिशत की वृद्धि करना और विशेष श्रेणी के छात्रों को वित्तीय रियायतें देने के फैसलों की समीक्षा शामिल थे. दोनों फैसले स्मृति ईरानी के कार्यकाल के दौरान लिए गए थे.



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