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सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने बुधवार को कहा कि पायलटों को रिजाइन करने से पहले एक साल और को-पायलट्स को 6 महीने पहले नोटिस देना होगा। नोटिस पीरियड के दौरान पायलट न तो अपनी फ्लाइट ड्यूटी से इनकार कर सकेंगे और न ही कंपनी उनके अधिकारों में कटौती कर सकेगी। हाल ही में मिनिस्ट्री ने नो फ्लाई लिस्ट से जुड़े ड्राफ्ट रूल्स को पब्लिक किया। नो फ्लाई लिस्ट को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। इसमें बुरा बर्ताव करने वाले पैसेंजर को 2 साल या इससे ज्यादा वक्त तक बैन करने का प्रोविजन है।

डीजीसीए ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि ऐसे पायलटों के खिलाफ कदम उठाया जा सके, जो एक साथ समूह में नौकरी छोड़ते हैं। इससे एयरलाइंस के परिचालन में कंपनियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है, जिससे लास्ट मिनट में कंपनियों ने अपनी सेवाएं रद्द करने पड़ी थी। हालांकि DGCA ने कहा है कि उसने अभी इन नियमों का अभी ड्रॉफ्ट तैयार किया है। इस पर फैसला लेना अभी बाकी है। 

डीजीसीए के इन ड्रॉफ्ट नियमों के कारण पायलटों में काफी रोष व्याप्त हो गया है। पायलटों ने कहा कि वो इस तरह के नियमों का विरोध करेंगे, क्योंकि पूरी दुनिया में कहीं भी पायलट्स के लिए इस तरह के नियम नहीं हैं। 



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