क्या है बाबा राम रहीम का पूरा मामला, जानें हिस्ट्री

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डेरा सच्चा सौदा के चीफ गुरमीत सिंह राम रहीम को सेक्शुअल हैरेसमेंट केस में सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया। राजस्थान के गंगानगर के रहने वाले गुरमित सिंह ने 1990 में डेरा की गद्दी संभाली थी। इसके बाद से आज तक डेरा और उसके चीफ राम रहीम सिंह कई विवादों में रहे. राम रहीम पर आश्रम की साध्वी के सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप है. शुक्रवार को इस पर पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने फैसला दिया. राम रहीम अब हिरासत में हैं. सजा पर फैसला बाद में होगा. बता दें कि डेरा सच्चा सौदा की नींव 1948 में शाह मस्ताना ने की थी. पंजाब यूनिवर्सिटी में सोशलॉजी के प्रोफेसर मंजीत सिंह कहते हैं ''दरअसल, अगाध श्रद्धा के आगे सभी तर्क फेल हो जाते हैं.

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत राम-रहीम के मामले में भी कुछ ऐसा ही है. दरअसल, अनुयायी संत राम रहीम को अपना भगवान मानते हैं वे यह मानने को तैयार ही नहीं है कि वह आपराधिक प्रवृत्ति वाले भी हो सकते हैं.'' इसकी वजह यह है कि ऐसे अनुयायियों में ज्यादातर लोग व्यवस्था या उच्च जातियों से प्रताड़ित शोषित होते हैं. ऐसे लोग संत राम रहीम ही क्या? किसी के भी साथ लग सकते हैं. उन लोगों को अपने गुरु के लिए इस तरह के प्रदर्शनों या कार्यक्रमों में आकर आत्म संतुष्टि मिलती है. यह भी पढ़े: राम रहीम पर फैसले के बाद पंजाब के तीन शहरों में कर्फ्यू, हिंसा में 6 की मौत

-हमारा मानना है कि सिखिज्म, हिंदुज्म और आर्य समाज के फेल होने की वजह से ही डेरे या आश्रम आदि बनते और आगे बढ़ते हैं. अगर सिखिज्म और आर्य समाज प्रभावी होते तो जाति-पाति की व्यवस्था ही नहीं होती. फिर ये डेरे आश्रम भी नहीं पनपते. इन्हें राजनीतिक दल शह देते हैं, क्योंकि वे इनका चुनावी फायदा उठाते हैं.

- राजनीतिक दलों ने सत्ता प्राप्ति के लिए डेरे का भरपूर फायदा उठाया है. हालांकि, डेरा प्रमुख राम रहीम बेटे को उत्तराधिकारी बना चुके हैं. सजा होने पर उनका बेटा डेरे की व्यवस्था संभाल लेगा.

- अप्रैल 2002 में साध्वी ने हाईकोर्ट और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लेटर भेजा था. इसके बाद डेरा चीफ से लेटर में लगाए आरोपों पर जानकारी हासिल करने के लिए सिरसा के सेशन जज को भेजा गया. सितंबर 2002 में हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने के ऑर्डर दिए. इसमें लिखा गया कि मामले में सेक्शुअल हैरेसमेंट से इनकार नहीं किया जा सकता.

- दिसंबर 2002 में चंडीगढ़ सीबीआई ब्रांच ने राम रहीम के खिलाफ धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की.

- दिसंबर 2003 से अक्टूबर 2004 तक डेरा चीफ की पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्टे लगा दिया. बाद में स्टे हटा सीबीआई को जांच मिली. 

- 2005-2006 के बीच में कई इन्वेस्टिगेशन अफसर बदले. बाद में जांच अफसर सतीश डागर ने इन्वेस्टिगेशन की और उस साध्वी को ढूंढ़ा, जिसने रेप के आरोप लगाए थे.

- जुलाई 2007 में सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की. इसमें बताया गया कि डेरा में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों से भी रेप हुआ. बाद में मामला पंचकूला कोर्ट में शिफ्ट हुआ. 

- अगस्त 2008 में ट्रायल शुरू हुआ और डेरा चीफ के खिलाफ आरोप तय किए गए.

- 2009-2010 में दो पीड़ित सामने आए, जिन्होंने कोर्ट में बयान दिए. सीबीआई के सामने दिए पीड़ित के बयान की हैंडराइटिंग के सैंपल को लेकर भी कई सवाल उठे थे.

- जुलाई 2016 को केस के दौरान 52 गवाह पेश हुए. इनमें 15 प्रोसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे.

- जून 2017 में डेरा सच्चा सौदा चीफ ने विदेश जाने के लिए कोर्ट में अपील दायर की, जिसमें वह अपनी फिल्म का प्रोमोशन करना चाहते थे. कोर्ट ने उनके विदेश जाने पर रोक लगाई थी.

- 25 जुलाई 2017 को कोर्ट ने रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए, ताकि केस जल्द निपट सके.

- 17 अगस्त को बहस खत्म हुई और फैसले के लिए 25 अगस्त का दिन तय दिन किया गया.



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