इस बॉडीबिल्डर लड़के की जीवनगाथा कहानी जानकर हैरान रह जाएंगे आप, कभी हुआ करता था लड़की...

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ये स्टोरी है 'रुद्राणी क्षेत्री' और 'आर्यन पाशा' की. 2 शख्स दो अलग-अलग कहानियां लेकिन तकलीफे एक जैसी. जी हां, जिनके बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे. एक का लड़के से लड़की बनना और दूसरे का लड़की से लड़का बनना जिसे साइंटिक फॉर्म में 'जेंडर डिस्फोरिया' कहते हैं. या बॉडी वर्सेस सोल कहते हैं. यानी शरीर और आत्मा की लड़ाई.

रिपोर्ट के मुताबिक जब रुद्राणी छेत्री ने जन्म लिया तो वह एक लड़का थी. धीरे-धीरे जैसे-जैसे वह अपने बचपने से बाहर निकलकर किशोरावस्था में पहुंची तो उन्हें लगने लगा कि वह अंदर से एक लड़का नहीं बल्कि एक लड़की है. रुद्राणी को लड़कियों की तरह रहना पसंद था. उनकी तरह कपड़े पहनना. दरअसल रुद्राणी अपने आपको जैसा मानती रही वैसा ही उन्होंने अपना जीवन जिया. शुरूआती जिंदगी में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन धीरे-धीरे वक्त बदलने लगा और लोगों ने उन्हें स्वीकारा. रुद्राणी पेशे से एक मॉडल है.  

ऐसी ही कहानी है आर्यन पाशा की. ये जन्म से लड़की थे लेकिन उनका माइंड और उनकी सोल(आत्मा) ने इसे नहीं स्वीकारा. वह हमेशा से ही एक लड़के की तरह रहे. शुरुआत में आर्यन की फैमिली भी उन्हें एक लड़की की तरह ही ट्रीट करते थे. आर्यन को लड़कियों के कपड़े पहनाकर एक गर्ल्स स्कूल में भेजा जाने लगा. लेकिन बाद में आर्यन ने अपने मन की बात घर वालों को बताई. उनकी सौतेली मां(स्टेप मदर) ने आर्यन को समझा. बचपन से लेकर आज तक आर्यन को अपनी स्टेप मदर से सबसे ज्यादा सपोर्ट मिला है.

आर्यन को पता चला सर्जरी से मनचाहा शरीर मिल सकता है लेकिन ये ऑपरेशन बेहद खर्चीला और दर्द देने वाला है. लेकिन आर्यन ने इसके बावजूद अपनी सर्जरी कराई. आज वह एक लड़के की तरह जिंदगी जी रहे हैं. उन्होंने वैसे जीना शुरू कर दिया जैसा कि वे अपने लिए अपने मन से सोचते थे. आर्यन ने मुंबई यूनिवर्सिटी से ला किया है. आर्यन को बॉडीबिल्डिंग का शौक है. इसलिए वह रोजाना जिम भी जाते हैं. आज आर्यन की कद काठी को देखकर कोई नहीं कह सकता कि वे एक लड़की के रूप में पैदा हुए होंगे.   



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