जेल में शशिकला के VIP ट्रीटमेंट का खुलासा करने वाली DIG का ट्रांसफर

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सिद्धारमैया सरकार ने जेल में बंद AIADMK की जनरल सेक्रेटरी शशिकला को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने का खुलासा करने वालीं आईपीएस डी. रूपा को हटा दिया। वह डीआईजी (जेल) का जिम्मा संभाल रही थीं। पिछले दिनों उन्होंने जेल में बड़े भ्रष्टाचार और गड़बड़ियां उजागर की थीं। सोमवार को सरकार ने रूपा समेत 4 आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए। इसके मुताबिक, रूपा अब एएसएन मुर्ति इलाके में आईजी और कमिश्नर ट्रैफिक एंड रोड सेफ्टी का कामकाज देखेंगी। बता दें कि शशिकला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 4 साल जेल की सजा सुनाई है। वे अभी पारापन्ना अग्रहारा सेंट्रल प्रिजन में बंद हैं। 

रूपा की रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट हासिल करने के लिए 2 करोड़ की रिश्वत दी। ये घूस जेल अफसरों को दी गई, इनमें डीजी जेल एचएन सत्यनारायण राव भी शामिल हैं। इस लेटर में जेल के भीतर होने वाली दूसरी अवैध एक्टिविजीज का भी जिक्र किया गया है। रूपा ने अपनी रिपोर्ट एडीशनल चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी प्रिजन और होम सेक्रेटरी को भेजी थी और दोषियों के खिलाफ एक्शन लेने की अपील की थी।

डीजी जेल सत्यनारायण राव ने कहा था, "इस लेटर में लगाए गए आरोपों में कोई भी सच्चाई नहीं है। रिश्वत के आरोपों से मैं पूरी तरह इनकार करता हूं। अगर उन्हें जेल में कुछ बातें नजर आई हैं तो उन्हें बातचीत करनी चाहिए। अगर उन्हें (डी रूपा) लगता है कि मेरे खिलाफ कोई आरोप हैं तो मैं जांच के लिए तैयार हूं। जहां तक शशिकला को असिस्टेंस देने के बात है तो ये कोर्ट का ऑर्डर है और हम केवल उन आदेशों का पालन कर रहे हैं।"

 इस पर जीआईजी रूपा ने कहा था, "अगर मैं कुछ देखती हूं और उसकी रिपोर्ट नहीं करती हूं तो ये मेरी तरफ से गलती होगी। मैंने केवल रिपोर्ट दी। सरकार की जिम्मेदारी है कि वो इसकी जांच करे कि मेरी रिपोर्ट सही है या नहीं।"



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