शिक्षा और स्वास्थ्य को जीएसटी में भी छूट, नहीं लगेगा सर्विस टैक्स

2017-05-19_Health-education-GST.jpg

जीएसटी परिषद ने वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत सेवाओं के लिए कर दर को अंतिम रूप आज दे दिया. वहीं हेल्थकेयर व शिक्षा को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाएगा. सरकार जीएसटी का कार्यान्वयन एक जुलाई से करने का लक्ष्य लेकर चल रही है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा जीएसटी के दायरे से बाहर बने रहेंगे, विभिन्न सेवाओं पर 5, 12, 18, 28 प्रतिशत की दर से लगेगा कर, परिवहन सेवाओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा.

वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि एसी सुविधा वाले रेस्त्रां जिनके पास शराब परोसने का लाइसेंस है उन पर 18 प्रतिशत, पांच सितारा होटलों पर 28 प्रतिशत और 1,000 से 2,500 रुपये की दर वाले होटलों को 12 प्रतिशत दर से जीएसटी देना होगा.

जेटली ने कहा कि दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा जबकि सिनेमा हॉल, जुआघरों और घुड़ दौड़ पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा. ओला और उबर जैसी एप के जरिये कैब सेवायें उपलब्ध कराने वाली कंपनियों पर पांच प्रतिशत दर से जीएसटी लगेगा.

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा पर 5 प्रतिशत और बिजनेस क्लास पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.  फ्लिपकार्ट, स्नैपडील जैसी ई-वाणिज्य कंपनियों को आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान करते समय एक प्रतिशत टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रह) काटना होगा.

शेयर बाजार का सेंसेक्स आज 30 अंक की बढ़त के साथ 30,464 अंक पर पहुंच गया। जीएसटी परिषद द्वारा ज्यादातर वस्तुओं के लिए कर दरों को अंतिम रूप दिए जाने से एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में तेजी रही. हालांकि, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी कुछ नुकसान में रहा.

शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मजबूती के रख के साथ खुलने के बाद अपने सर्वकालिक उच्चस्तर 30,712.35 अंत तक गया. पांच सत्रों और चार दिन सेंसेक्स ने नया सर्वकालिक उच्चस्तर छुआ है. इसके बाद सेंसेक्स 30,338.52 अंक के निचले स्तर तक आया. अंत में यह 30.13 अंक या 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 30,464.92 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी ने भी शुरआत में 9,505.75 अंक का उच्चस्तर छुआ. लेकिन बाद में मुनाफावसूली का सिलसिला चलने से अंत में यह 1.55 अंक या 0.22 प्रतिशत के नुकसान से 9,427.90 अंक पर बंद हुआ.

गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) काउंसिल ने  1 जुलाई से लागू होने वाली नई टैक्स व्यवस्था के मद्देनजर टैक्स स्लैब तैयार कर दिया है. इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल 1,211 आइटम्स की दरें तय कर ली गई हैं, इनमें से ज्यादातर आइटम्स को 18 फीसदी स्लैब के दायरे में रखा गया है. जीएसटी लागू होने के बाद कई चीजों के दाम कम हो जाएंगे. सामानों को अलग-अलग टैक्स स्लैब में रखा गया है. ये टैक्स स्लैब 5, 12, 18 और 28 फीसदी रखा गया है. कई सामान ऐसे हैं जिन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. 



loading...