EC ने दिया चैलेंज, 3 जून को EVM से छेड़छाड़ साबित करें राजनीतिक दल

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विधानसभा चुनाव 2017 के बाद ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग पर उठाए गए सवालों पर चुनाव आयोग ने आठ साल बाद इससे जुड़ी शंकाओं के निराकरण के लिए ईवीएम और वीवीपीएटी मशीन का एक बार फिर डेमो दिया। जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राजनीतिक दलों को आमंत्रित नहीं किया गया है।

इस दौरान मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त (सीईसी) नसीम जैदी ने कहा कि हालिया पांच राज्‍यों के चुनावों के बाद इस संबंध में कई शिकायतें एवं सुझाव मिले हैं लेकिन कमीशन को कोई ठोस सबूत नहीं सौंपा गया है। जैदी ने कहा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है। आयोग ने साफ कहा कि उसकी किसी भी दल के साथ नजदीकी नहीं है। देश में भ्रम फैलाया जा रहा है कि वोटिंग मशीन विदेश से आ रही हैं लेकिन इसमें कतई सच्चाई नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बताया कि राजनीतिक पार्टियां 3 जून से ईवीएम हैकिंग की चुनौती में शामिल हो सकेंगी। 

जैदी ने बताया कि हर पार्टी को हैकिंग या ईवीएम टैंपरिंग साबित करने के लिए चार घंटे का वक्त मिलेगा। कोई भी पार्टी अपने तीन प्रतिनिधि को इस चैलेंज में शामिल होने लिए भेज सकती है। इस चैलेंज में कोई भी राजनीतिक पार्टी शामिल हो सकती है। पार्टियों को इस बात की आजादी होगी कि वह हाल ही में हुए पांच राज्यों में चुनावों के किसी भी चार पोलिंग स्टेशनों से ईवीएम मशीन मंगवा सकती हैं। पार्टियों के पास मौका होगा कि वह साबित करें कि चुनावी नतीजों को किसी खास प्रतिनिधि या पार्टी के पक्ष में मोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, पार्टियों को यह भी चुनौती दी गई है कि वे साबित करें कि चुनाव आयोग की सुरक्षा में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करना मुमकिन है।

जैदी ने बताया कि राजनीतिक पार्टियां 26 जून तक ईमेल या ऑनलाइन ऐप्लिकेशन के जरिए इस चैलेंज में अपनी भागेदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। सभी तारीख को निश्चित तारीख और वक्त अलॉट किया जाएगा। पार्टियां जिस ईवीएम की मांग करेंगी, उसे पोलिंग स्टेशन से लाते वक्त साथ सफर करने की भी मंजूरी होगी। इसके अलावा, चैलेंज से पहले मशीनों को खोलकर देखने भी दिया जाएगा। हालांकि, चैलेंज के बाद ऐसा करने की मनाही होगी। ईवीएम में छेड़छाड़ करने के लिए राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि ईवीएम पर लगे कई बटनों को एक साथ दबाकर, किसी वायरलेस या ब्लूटूथ डिवाइस या एक्सटर्नल डिवाइस का इस्तेमाल कर सकते हैं। चुनाव आयुक्त ने ईवीएम से जुड़ी विभिन्न अटकलों पर भी सफाई देने की कोशिश की। उन्होंने ईवीएम मशीनों की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले इंतजामों के बारे में भी विस्तार से बताया। 

आयोग ने साफ किया कि इन मशीनों में आधुनिक तकनीक का इस्‍तेमाल किया गया है। शंकाओं के निराकरण के लिए 2019 के आम चुनावों से हर मतदाता को वीवीपीएटी उपलब्‍ध कराई जाएगी। ऐसा करने वाला भारत पूरी दुनिया में एक मात्र ऐसा देश होगा जो हर मतदाता को वीवीपीएटी उपलब्ध करवाएगा।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग इस तरह का डेमो आठ साल पहले 2009 दे चुका है। उस दौरान भी राजनैतिक पार्टियों ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया था। बीती 12 मई को एक सर्वदलीय बैठक के बाद निर्वाचन आयोग ने घोषणा की थी कि वह विपक्षी पार्टियों की ईवीएम को हैक करके दिखाने की चुनौती को स्वीकार करेगा। विपक्षी पार्टियों ने आशंका जताई थी कि फरवरी-मार्च में हुए विधानसभा चुनावों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है।



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