CBI रेड पर चिंदबरम के बोल, सरकार की मंशा मेरी आवाज बंद कराना

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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ती के आवास पर सीबीआई ने छापेमारी की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक चेन्नई में आज सुबह आठ ठिकानों पर सीबीआई ने छापा मारा. सीबीआई रेड के बाद चेन्नई स्थित अपने आवास पर चिदंबरम ने कहा कि सरकार उनकी आवाज को बंद कराना चाहती है. चिदंबरम ने कहा, ‘सरकार चाहती है कि मैं लिखना बंद कर दूं.’ उन्होंने कहा कि सरकार मेरे बेटे कार्ति को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है. सीबीआई ने पीटर मुखर्जी के घर पर भी छापेमारी की.

सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ कल मामला दर्ज किया. इसके निदेशक इंद्राणी मुखर्जी, और पीटर मुखर्जी के मार्फत यह मामला दर्ज किया गया है. एजेंसी का आरोप है कि कंपनी की तरफदारी तब की गई थी जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे. सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया के अलावा निदेशक कार्ति के मार्फत उनकी कंपनी चेस मैनेजमेंट सर्विसेज और निदेशक पद्मा विश्वनाथन के मार्फत एडवांटेज कंसल्टिंग लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेड चिदंबरम के पैतृक स्थान कराईकुडी में भी की गई. चेन्नई में ही कुल अलग अलग 14 जगहों पर ये छापेमारी हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये करेड एयरसेल-मैक्सिस केस से संबंधित है. ऐसा भी बताया जा रहा है कि रेड का कनेक्शन आईएनएक्स मीडिया को क्लीयरेंस से भी जुड़ा है, जिसका स्वामित्व पीटर मुखर्जी के पास है.

कार्ति चिदंबरम, जो एयरसेल-मैक्सिस डील को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं, उनके दफ्तरों पर पूर्व में भी रेड डाली जा चुकी है.

कांग्रेस पार्टी ने चिदंबरम का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है. ये छापेमारी राजनीति से प्रेरित हैं. पार्टी के नेता टॉम वडक्कन ने इसे ‘परसेप्शन मैनेजमेंट’ का नाम दिया. उन्होंने कहा- तीन साल से इस केस में कोई सुबूत नहीं था लेकिन मंगलवार सुबह अचानक हर तरफ कैमरे निकल आए. इसे फोटो अपॉर्चुनिटी कहते हैं. आप उन लोगों पर हमला करने की कोशिश करते हैं जिन्होंने अपने वक्त में बेहद अच्छा काम किया है लेकिन ये काम नहीं करेगा. आपने (केंद्र सरकार ने) खुद को साबित नहीं किया है और लोग जल्द सवाल करेंगे.

इन मामलों में घिरी है चिंदबरम फैमिलीः

एयरसेल-मैक्सिस केस
मैक्सिस मलेशिया की एक कंपनी है जिसका मालिकाना हक एक बिजनेस टॉयकून टी आनंद कृण्णन के पास है जिन्हें टैक नाम से भी जाना जाता है. एयरसेल को सबसे पहले एक एनआरआई टॉयकून सी सिवसंकरन (सिवा) ने प्रमोट किया था, जो कि तमिलनाडु के मूल निवासी थे.
साल 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल की 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी. बाकी की 26 फीसदी हिस्सेदारी अब एक भारतीय कंपनी, जो कि अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप से संबंधित है के पास है.

इन 26 फीसदी शेयर का मालिकाना हक सुनीता रेड्डी के पास है जो कि अपोलो के ग्रुप फाउंडर डॉ सी प्रताप रेड्डी की बेटियों में से एक हैं.ये डील उस वक्त विवादों के घेरे में आ गई जब 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला उजागर हुआ. तब देश के सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया था कि वो इस मामले में ए राजा के पूर्ववर्ती मंत्रियों की जांच करे.

राजस्थान एंबुलेंस घोटाला
वर्ष 2015 में सीबीआई ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की थी. आरोप था कि जब जिकजा हैल्थकेयर के साथ प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुबंध हुआ उस दौरान सचिन पायलट व कार्ति चिदंबरम कम्पनी में निदेशक थे. इसके तहत ईडी ने कार्ति चिदंबरम को नोटिस भी भेजा था.



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