Movie Review: बाहुबली 2 : द कन्क्लूजन

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प्रोड्यूसर : शोभू यरलागड्डा, प्रसाद देवनेनी और करन जौहर
डायरेक्टर : एसएस राजामौली
स्टार कास्ट : प्रभास, राणा दग्गुबती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णन, सत्यराज
म्यूजिक डायरेक्टर : एम. एम. कीरवानी
रेटिंग ****

2 साल पहले आई फिल्म बाहुबली के दूसरे पार्ट का इंतजार दर्शक बेसब्री से कर रहे हैं. वजह साफ है कि डायरेक्टर एस.एस. राजमौली की इस फिल्म के जरिए दर्शक ने इंडियन सिनेमा की वो झलक देखी जो पहले कभी नहीं देखी गई थी. फिल्म बाहुबली एक्शन, विसुअल और स्टंट के मामले में किसी भी हॉलीवुड फिल्मों से कम नहीं थी. यही वजह थी जब ये फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो सिर्फ 3 घंटे में साउथ के कई सिनेमाघरों 3 दिनों के लिए हॉउसफुल हो गए थे. ऐसे में 2 साल के लंबे इंतजार के बाद ‘बाहुबली 2’ आ चुकी है और इस बार तो इसका आगाज इतना भव्य है कि आपको अपनी पलके भी झपकाने का मौका नही मिलेगा.

कहानी
फिल्म की कहानी कटप्पा (सत्यराज) और शिवुडु उर्फ महेंद्र बाहुबली (प्रभास) के बीच डायलॉग से शुरू होती है। इस दौरान स्टोरी फ्लैशबैक में जाती है। महारानी शिवगामी (राम्या कृष्णन) बाहुबली (प्रभास) के राज्याभिषेक का एलान करती हैं, लेकिन इससे पहले बाहुबली और कटप्पा देश भ्रमण पर निकलते हैं। बाहुबली की मुलाकात राजकुमारी देवसेना (अनुष्का शेट्टी) से होती है और हालात के मुताबिक देवसेना और महाराज अमरेंद्र बाहुबली (प्रभास) एक साथ महिष्मती आते हैं। राज्याभिषेक से पहले ही भल्लालदेव (राणा दग्गुबती) की नजर सिंघासन पर नजर रहती है। वो कटप्पा की मदद से कुछ ऐसा करता है, जिससे अमरेंद्र बाहुबली की मृत्यु हो जाती है और राज्य पर भल्लालदेव का अधिकार हो जाता है और वो देवसेना को बंदी बना लेता है। जब महेंद्र बाहुबली को पूरी कहानी का पता चलता है तो वो अपने हिसाब से एक बार फिर से महिष्मती राज्य को भल्लालदेव से आजाद कराने की कोशिश करता है और आखिरकार सत्य की जीत होती है।

फिल्म का म्यूजिक
बाहुबली की तरह बाहुबली 2 का संगीत और बैकग्राउंड संगीत भी कमाल का है. म्यूजिक डायरेक्टर एम.एम. कीरावानी ने शानदार संगीत दिया है जो फिल्म की कहानी को नहीं रोकता है.

बाहुबली 2 की ज्यादातर कहानी प्रभाष, अनुष्का शेट्टी, सत्यराज के इर्द-गिर्द घूमती है. ऐसे में प्रभाष एक बार फिर स्क्रीन पर दमदार दिखाई दिए है. स्क्रीन पर उनका दम देखने लायक है. अमरेंद्र और शिवा के दोहरे किरदार को इस सुपरस्टार ने इस बेहतरीन अंदाज से निभाया है. सिनेमाहाल से निकलने के बाद भी आप प्रभास के एक्शन सीन्स को भूला नहीं पाएंगे. प्रभास के साथ साथ अनुष्का शेट्टी को भी आपके दिमाग पर अपनी छाप छोड़ती है. स्क्रीन पर उनका अभिनय और उनकी ख़ूबसूरती लाजवाब दिखाई पड़ती है. राणा दुग्गुबाती ने एक बार फिर अपने किरदार के साथ न्याय किया है. हालांकि इंटरवल के बाद उन्हें अपनी ताकत दिखाने का मौका मिला है लेकिन प्रभास और राणा के बीच के ऐक्शन सीन्स एक बार फिर दर्शको का दिल जीत लेते है. दोनों के डील-डौल को देख लगता है कि उनकी बाजुओं में सचमुच फौलादी ताकत है. राम्या कृष्णन और सत्यराज ने भी शानदार अभिनय किया है. बाहुबली 2 में तमन्ना भाटिया की मौजूदगी ना के बराबर है.

बाहुबली देखने के बाद राजमौली से उम्मीदे लगाना लाजमी था. ऐसे में राजमौली ने एक बार फिर साबित कर दिया की वह भारतीय सिनेमा के महान डायरेक्टर्स में गिने जा सकते है. कैमरे के पीछे की उनकी सोच और स्क्रीन पर उनकी पेशकश लाजवाब है. ऐसे में उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है. क्योंकि एक बार फिर विजुअल, ऐक्शन, स्टंट सीन्स को राजमौली ने इतने बेहतरीन और अनोखे ढंग से पेश किया है कि दर्शक कुर्सी से बंध जाते हैं. उनका निर्देशन बताता है कि अगर सही तरीके से फिल्म बनाई जाए तो भारतीय सिनेमा भी हॉलीवुड से कम नहीं है.

वैसे तो दर्शक इस सवाल के साथ भी सिनेमाघरों का रुख करेंगे कि आखिर कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा. लेकिन डायरेक्टर एस.एस राजमौली के निर्देशन में बनी यह फिल्म सचमुच एक शानदार फिल्म है. फिल्म की सिनेमाटोग्राफी ऊंचे स्तर की है, सेट बेहद ही भव्य हैं और फाइट सीन के बारें में तो कहने ही क्या. ऐसे में आप अगर भारतीय कलाकारों से सजी एक ऐसी फिल्म देखना चाहते है जो किसी भी मुकाबले से हॉलीवुड फिल्मों से कम ना हो तो आपको बाहुबली 2 जरूर देखनी चाहिए.



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