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मोदी सरकार ने छोटे कारोबारियों को दी बड़ी राहत, 40 लाख रुपए के टर्नओवर पर GST

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सरकार ने GST काउंसिल मीटिंग में छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है. लोकसभा चुनाव से पहले मीडियम और छोटे कारोबारियों के लिए इससे बड़ा नए साल का तोहफा कुछ नहीं हो सकता. सरकार ने न सिर्फ थ्रेसहोल्ड की लिमिट 20 से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दी है, बल्कि कंपोजीशन स्कीम का दायरा भी 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए कर दिया है. आपको बता दें कि GST काउंसिल की 32वीं और इस साल की पहली बैठक अभी चल रही है और जैसे-जैसे अपडेट आएंगे, हम आपको बताते रहेंगे.

चुनावों से पहले MSMEs सेक्टर को बड़ी सौगात मिली है. सरकार ने GST थ्रेशहोल्ड की लिमिट 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दी है. इससे छोटे और मंझोले कारोबारियों को फायदा मिलेगा साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. इसका सीधा सा मतलब ये है कि अब 40 लाख रुपए तक सालाना टर्नओवर करने वाले कारोबारी को GST रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी.

सूत्रों के मुताबिक फिलहाल सरकार ने सस्ते घरों को लेकर कोई राहत नहीं दी. अंडर कंस्ट्रक्शन घरों पर GST घटाने पर सहमति काउंसिल की बैठक में नहीं बनी. अब इस मामले को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स को भेजा जाएगा. अगर ये GoM, GST करने का सुझाव देता है तभी अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर टैक्स कम किया जाएगा.

बार-बार GST रिटर्न फाइल करने वाले व्यापारियों को राहत देते हुए सरकार ने कंपोजीशन स्कीम का दायरा बढ़ा दिया है. अब एक करोड़ रुपए की बजाय 1.5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले स्मॉल ट्रेडर्स और मैन्युफैक्चरर भी कंपोजीशन स्कीम के दायरे में आएंगे. नया नियम 1 अप्रैल, 2019 से लागू किया जाएगा. इतना ही नहीं, कंपोजीशन स्कीम का फायदा सर्विस सेक्टर को भी मिलेगा. अब छोटे कारोबारियों को 6 परसेंट फ्लैट GST देना होगा. इसके अलावा सबसे बड़ी राहत ये है कि कंपोजीशन स्कीम के दायरे में आने वाले कारोबारी तिमाही की बजाय, सालाना आधार पर रिटर्न फाइल कर सकेंगे. आपको बता दें कि कंपोजीशन स्कीम में आने वाले कारोबारियों के लिए कुल बिक्री पर एकमुश्त GST जमा करना होता है और टैक्स भी एक फिक्स रेट्स पर देना होता है.



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