नोटबंदी का 1 साल : ITR फाइलिंग 25 प्रतिशत बढ़ी, 8 लाख अकाउंट जांच के घेरे में

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नोटबंदी का 8 नवंबर को 1 वर्ष पूरा हो रहा है. नोटबंदी से कालेधन पर कितना अंकुश लगा है इस बारे में सरकार की ओर से कोई डाटा जारी नहीं किया गया है, लेकिन टैक्‍स बेस और इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्‍या के लिहाज से देश को नोटबंदी से फायदा हुआ है. नोटबंदी के बाद देश में इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्‍या में तेजी से इजाफा हुआ है. वहीं डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन भी बढ़ा है. नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा किए गए डिपॉजिट की जांच पूरी होने पर बड़े पैमाने पर ब्‍लैकमनी भी सामने आ सकती है.

वित्‍त मंत्राललय की ओर से जारी किए गए डाटा के अनुसार वित्‍त वर्ष 2016-17 के लिए 5 अगस्‍त तक 2.82 करोड़ इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल किए गए. यह पिछले वित्‍त वर्ष की तुलना में 24.7 फीसदी ज्‍यादा है. पिछले वित्‍त वर्ष के लिए कुल 2.26 करोड़ इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल हुए थे. 

इसी तरह से इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने वाले इंडीविजुअल की संख्‍या में 25.3 फीसदी का इजाफा हुआ है और यह संख्‍या भी 2.22 करोड़ से बढ़ कर 2.79 करोड़ हो गई है. केंद्र सरकार का दावा है ऐसा नोटबंदी की वजह से हुआ है. नोटबंदी के बाद लोगों को इस बात का डर है कि उनके अकाउंट की स्‍क्रूटनी हो सकती है और इनकम टैकस रिटर्न फाइल न करने के लिए उनको इनकम टैकस विभाग की ओर से नोटिस आ सकता है.   

वित्‍त मंत्रालय का दावा है कि नोटबंदी का असर डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन पर भी पड़ा है. 5 अगस्‍त तक पर्सनल इनकम टैक्‍स का एडवांस कलेक्‍शन 41.79 फीसदी बढ़ा है. इसी तरह से पर्सनल इनकम टैक्‍स कलेक्‍शन पिछले साल की तुलना में 34.25 फीसदी ज्‍यादा था. 



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