शकरपुर इलाके में अन्य समुदाय के लोगो द्वारा बच्चे पर दरिंदगी, ब्लेड और जलती-सिगरेट से दिए ज़ख्म

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आज दिनाँक 10/06/16 को अखिल भारतीय माहौर वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, राष्ट्रीय महासचिव अजय गुप्ता, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनीलकांत गुप्ता, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष नवीन गुप्ता व आशीष गुप्ता, रवी गुप्ता, सुनील गुप्ता सेठी, गिरीश आर्यन गुप्ता,  अवधेश गुप्ता, हरीश गुप्ता (हाथरसी) अजय गुप्ता, बबिता गुप्ता, वीना गुप्ता, मितलेश गुप्ता, रिया गुप्ता, पुष्पा गुप्ता, नीलम गुप्ता आदि सभी गुप्ता समाज के लोग 12 वर्षीया पीड़ित बच्चे आकाश से मिलने गए. आकाश कि माँ संगीता गुप्ता ने बताया कि, “7/8/2016 को रात्रि 10:30 तक आकाश घर नहीं आया तब में उसे ढूंढने निकली तो एक लडका उसे बेहोशी की हालत में छोड गया और मुझे भी हाथ पकड कर लें जाने लगा और बोला तुम्हारे बेटे ने चोरी की है. तो मैंने कहा कि उसके हाथ में तो कुछ है ही नहीं तो उसने चोरी कहाँ से की. फिर गली वालो ने मुझे उनसे छुड़ाया और बोले पहले आप अपने बेटे को देखो. जब मैंने बेटे को देखा तो वह लहुलुहान था.” 

पीड़ित आकाश ने बताया, “वो लोग मुझे कपडे से कुछ सुंघाते थे. उससे मुझे कुछ समय बाद बेहोशी सी आ जाती थी.” जो आरोपी पकड़े गये हैं, वो सब मुस्लिम समुदाय के हैं. उनके यहां से कुछ देश विरोधी गतिविधियों में संलग्न होने के सबूत प्राप्त हुए हैं. परन्तु पुलिस ने उन्हें नहीं दिखाया जब समाज का  दबाव पड़ा तो  पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया. महाजन समाज के सभी लोगों ने आकाश की मां को आश्वासन दिया है कि हर संभव मदद की जायेगी. 

दिनांक 7 अगस्त 2016 को शकरपुर में कुछ असामाजिक तत्वों ने मिलकर एक 12 वरिशिया आकाश की दरिंदगी दिखाई. ब्लेड, जलती-सिगरेट आदि से उस बच्चे को बेहोश कर ज़ख्म दिए गए. जब बच्चे के परिजनों ने शकरपुर थाने में रिपोर्ट लिखाने के लिए तो पुलिस ने इस मामले को पहले तो रफा-दफा करने की कोशिश की. लेकिन माहौर वैश्य गुप्ता समाज के लोगों ने एकजुट होकर पुलिस थाने का घेराव दो बार 8 अगस्त और 9 अगस्त को किया तो पुलिस ने तुरंत कार्यवाही की और अपराधियों को पकड़कर जेल में डाला. आप फोटो में देख सकते हैं कि किस दरिंदगी से बच्चे को मारा गया. अगर गुप्ता समाज ने ऐसे में एकजुटता नहीं दिखाई होती तो शायद इस अत्याचार को इन्साफ न मिल पाता. मालूम हुआ कि अपराधी लोग दुसरे समुदाय के थे और शकरपुर में ही किराए पर रहते थे. किसी बात को लेकर उन्होंने बच्चे को बुरी तरह मारा. मारने में हथियार का भी उपयोग किया गया. जांच करने पर उनके कमरे से कुछ जेहादी सम्बंधित सामग्री और आपत्तिजनक सामग्री पायी गयी. 

गौरतलब है कि अपराधियों को कल पकड़कर थाने से ही जमानत दे दी गयी थी क्योंकि बहुत हल्की धारायें लगाई गई थी. फिर माहौर वैश्य समाज के लोग मिलकर पीड़ित के घर गये और वहां पीड़ित की मॉ ने जो असलियत बताई उसे लिख कर एक जत्थे के रुप में तमाम महिलाएं व पुरुषों के हाथों में तख्तियां लेकर थाने की तरफ गये. विकास मार्ग पहुंचकर लोगों ने जाम लगा दिया. तभी पुलिस की सूचना मिली कि अपराधियों को पकड़ लिया गया है. माहौर वैश्य (गुप्ता) समाज ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ व अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की. पीड़ित की मॉ के बयान को दर्ज भी किया गया.



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